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राहुल गांधी ने जेपी नड्डा के जल्द स्वस्थ होने और सफल इलाज की कामना की

नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को बेचैनी की शिकायत के बाद दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स में भर्ती कराया गया था। इस बीच लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वास्थ्य मंत्री के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को बेचैनी की शिकायत के बाद दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स में भर्ती कराया गया था। इस बीच लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वास्थ्य मंत्री के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, "मुझे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के बीमार पड़ने और एम्स में भर्ती होने की खबर मिली है। मैं उनके सफल इलाज और जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।"

इससे पहले अस्पताल प्रशासन ने जे.पी. नड्डा की स्वास्थ्य रिपोर्ट जारी करते हुए बताया कि उनका स्वास्थ्य अब स्थिर है और उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में निगरानी में रखा गया है।

एम्स की ओर से डॉ प्रोफेसर रीमा दादा ने जारी बयान में कहा कि 13 अगस्त की शाम बेचैनी की वजह से मंत्री नड्डा को अस्पताल लाया गया था। इसके बाद उनकी विस्तृत जांच की गई, जिसमें कोरोनरी एंजियोग्राफी भी शामिल है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है, लेकिन डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें अस्पताल में ही रखा गया है।

जेपी नड्डा केंद्र सरकार में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ रसायन और उर्वरक मंत्रालय का भी जिम्मा संभाल रहे हैं। पिछले कुछ सप्ताह में वे काफी व्यस्त रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कई अहम बैठकों की अध्यक्षता की, विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की और देशभर में चल रही स्वास्थ्य परियोजनाओं का जायजा लिया।

कोरोनरी एंजियोग्राफी एक ऐसी जांच है जिसके जरिए दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनियों की स्थिति देखी जाती है। इस प्रक्रिया में कलाई या जांघ के पास की धमनी से एक पतला कैथेटर डालकर कोरोनरी धमनियों में कंट्रास्ट डाई छोड़ी जाती है। फिर एक्स-रे इमेजिंग के जरिए डॉक्टर यह पता लगाते हैं कि धमनियों में कोई सिकुड़न या रुकावट तो नहीं है। इस टेस्ट से कोरोनरी आर्टरी डिजीज का पता लगाने और आगे दवा, एंजियोप्लास्टी या स्टेंटिंग जैसे इलाज की जरूरत तय करने में मदद मिलती है।

--आईएएनएस

एससीएच/डीएससी

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