जानें कब, कैसे और किन लोगों को नहीं करना चाहिए पनीर का सेवन
नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का बड़ा स्रोत पनीर और सोयाबीन होता है। सोयाबीन खाना सभी लोग पसंद नहीं करते हैं लेकिन पनीर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को पसंद हैं।
पनीर खाने से कुछ लोगों को पेट में भारीपन, गैस, खट्टी डकार और पाचन में समस्या होने लगती है। ऐसा इसलिए क्योंकि पनीर के सेवन का सही तरीका और समय बहुत कम लोग ही जानते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार पनीर अमृत भी बन सकता है और ज़हर भी, बस फर्क है इसे खाने के सही तरीके में। पनीर को हेल्दी मानकर सभी प्रवृत्ति के लोग इसका सेवन करने लगते हैं, लेकिन कुछ लोगों को पनीर खाने में सावधानी बरतने की जरूरत है, जैसे, जिन लोगों का यूरिक एसिड बढ़ा हुआ होता है, उन लोगों को पनीर का सेवन कम करना चाहिए। क्योंकि ऐसे में प्रोटीन शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को बढ़ा देता है और फिर जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ जाती है।
जिन लोगों का पाचन कमजोर है, उन्हें भी पनीर कम मात्रा में खाना चाहिए। पनीर भारी होता है और पचने में अधिक समय लगाता है। कमजोर पाचन वाले लोगों को पनीर को पकाकर खाना चाहिए, न कि कच्चा। कच्चा पनीर पेट में दर्द का कारण बन सकता है। अगर कफ और सांस लेने की परेशानी से जूझ रहे हैं तब भी पनीर का सेवन कम करना चाहिए। यह साइनस की समस्या को और अधिक खराब कर सकता है और जुकाम और कफ को बढ़ा सकता है।
इसके साथ ही मोटापे और कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित लोगों को भी पनीर से परहेज करना चाहिए। पनीर में वसा होती है, जो मोटापे और कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मददगार होती है।
अब सवाल है कि पनीर को कैसे खाए। आयुर्वेद के मुताबिक, हमेशा पनीर को ताजा और घर में बनाकर ही खाना चाहिए। बाजार में मिलने वाले पनीर में मिलावट की संभावना ज्यादा होती है। इसके साथ ही, पनीर को हमेशा पकाकर खाए और मसालों के साथ ही खाना चाहिए। इसे अदरक, काली मिर्च और हल्दी के साथ मिलाकर खाएं। पनीर को रात के समय खाने से बचें, क्योंकि यह स्वभाव में भारी होता है और रात के समय पाचन शक्ति मंद हो जाती है। ऐसे में पनीर का सेवन लंच के समय करना ज्यादा सही रहेगा।
--आईएएनएस
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