किडनी खराब होने से पहले शरीर देता है कई चेतावनी, इन्हें नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। किडनी हमारे शरीर का ऐसा अहम अंग है, जो चुपचाप अपना काम करती रहती है। लेकिन जब इसमें कोई समस्या शुरू हो जाती है, तो शरीर धीरे-धीरे अलग-अलग तरह के संकेत देने लगता है। अगर इन संकेतों को समय रहते समझ लिया जाए तो गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।
किडनी हमारे शरीर में खून को साफ करने का काम करती है। यह शरीर से गंदगी और अतिरिक्त पानी को पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर में कई तरह की परेशानियां शुरू हो सकती हैं।
किडनी खराब होने का एक शुरुआती संकेत बार-बार पेशाब आना हो सकता है। कई लोगों को लगता है कि यह सामान्य बात है, लेकिन अगर अचानक पेशाब की संख्या बहुत बढ़ जाए या रात में कई बार उठकर पेशाब जाना पड़े, तो यह शरीर का चेतावनी संकेत हो सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि कई बार यह स्थिति क्रोनिक किडनी डिजीज बीमारी की शुरुआत का संकेत हो सकती है। इसलिए अगर लंबे समय तक ऐसा हो रहा हो तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
इसके अलावा पेशाब में झाग दिखाई देना या पेशाब के रंग में बदलाव भी किडनी की समस्या का संकेत हो सकता है। कई बार पेशाब में झाग बनने का मतलब यह होता है कि शरीर से प्रोटीन बाहर निकल रहा है। सामान्य स्थिति में किडनी प्रोटीन को शरीर के अंदर ही रखती है, लेकिन जब किडनी के फिल्टर कमजोर हो जाते हैं तो प्रोटीन पेशाब के साथ बाहर आने लगता है। कुछ मामलों में पेशाब में खून भी दिखाई दे सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।
किडनी की क्षमता कम होने पर शरीर में सूजन भी दिखाई देने लगती है। खासकर पैरों, टखनों और आंखों के आसपास सूजन आना इस बात का संकेत हो सकता है कि किडनी शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ को सही तरीके से बाहर नहीं निकाल पा रही है। जब यह तरल पदार्थ शरीर में जमा होने लगता है तो सूजन बढ़ जाती है। कई लोग इसे सामान्य थकान या मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लगातार सूजन बने रहना चिंता की बात हो सकती है।
किडनी की बीमारी में त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं। जब किडनी शरीर से गंदे पदार्थों को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाती, तो खून में यूरिया जैसे तत्व बढ़ने लगते हैं। इसका असर त्वचा पर भी पड़ सकता है। कई लोगों को त्वचा में खुजली, रूखापन या जलन जैसी समस्या होने लगती है।
इसके अलावा, हाई ब्लड प्रेशर भी किडनी से गहराई से जुड़ा हुआ है। अगर ब्लड प्रेशर लंबे समय तक नियंत्रित नहीं रहता, तो यह किडनी के फिल्टर को नुकसान पहुंचा सकता है।
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