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खांसी और जुकाम से हैं परेशान? इस पौधे के इस्तेमाल से मिलेगा तुरंत आराम

नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। सर्दियों के मौसम में खांसी और जुकाम होना आम बात है, लेकिन अगर ये लंबे समय तक रहें तो काफी परेशान कर देते हैं। कई लोग दवाइयों पर निर्भर हो जाते हैं, लेकिन कभी-कभी घर के पास ही मौजूद प्राकृतिक चीजें भी राहत दिला सकती हैं। ऐसे ही एक औषधीय पौधे का नाम है कासमर्द, जिसे कसौंदी भी कहते हैं।
खांसी और जुकाम से हैं परेशान? इस पौधे के इस्तेमाल से मिलेगा तुरंत आराम

नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। सर्दियों के मौसम में खांसी और जुकाम होना आम बात है, लेकिन अगर ये लंबे समय तक रहें तो काफी परेशान कर देते हैं। कई लोग दवाइयों पर निर्भर हो जाते हैं, लेकिन कभी-कभी घर के पास ही मौजूद प्राकृतिक चीजें भी राहत दिला सकती हैं। ऐसे ही एक औषधीय पौधे का नाम है कासमर्द, जिसे कसौंदी भी कहते हैं।

आयुर्वेद में कासमर्द को सर्दियों का असली साथी माना जाता है, क्योंकि यह खांसी, जुकाम और श्वास संबंधी कई समस्याओं में बेहद काम आता है।

कासमर्द एक छोटा झाड़ी वाला पौधा है, जिसकी पत्तियां हरी और फूल पीले रंग के होते हैं। यह ज्यादातर खेतों, सड़क किनारे और खाली जमीन पर अपने आप उग जाता है। इसे ज्यादा पानी या देखभाल की जरूरत नहीं होती। आयुर्वेद के अनुसार इसके पत्तों और बीजों में ठंडी और गर्म दोनों मौसम में काम आने वाले गुण होते हैं। इसके सेवन से कफ और वात जैसी समस्याओं में राहत मिलती है और साथ ही यह शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा को भी मजबूत बनाता है।

खांसी-जुकाम में इसका इस्तेमाल करने के कई तरीके हैं। इसके पत्तों का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं, सूखे बीजों का चूर्ण खाया जा सकता है और त्वचा पर होने वाली खुजली या दाद के लिए पत्तों का लेप लगाया जा सकता है। खास बात यह है कि इसे सही मात्रा में लेने से न केवल खांसी-जुकाम में राहत मिलती है, बल्कि पेट के कीड़े और अपच जैसी परेशानियों में भी फायदा होता है। कुछ लोग इसके बीज भूनकर कॉफी की तरह भी इस्तेमाल करते हैं।

हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि किसी भी औषधीय पौधे का सेवन करते समय योग्य वैद्य या चिकित्सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए। सही तरीके और मात्रा में इसका इस्तेमाल करने से यह पौधा सच में चमत्कारिक साबित हो सकता है। अगर सर्दियों में बार-बार खांसी या जुकाम की समस्या रहती है, तो कासमर्द आपके लिए एक प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प साबित हो सकता है।

--आईएएनएस

पीआईएम/वीसी

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