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मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट सहित सेवा शर्तों से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन पर उतरे झारखंड के डॉक्टरों ने किया प्रदर्शन

रांची, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। सुरक्षा और सेवा संबंधी विभिन्न मांगों को लेकर झारखंड के डॉक्टर अआंदोलन पर उतर आए हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के बैनर तले राज्यभर के चिकित्सकों ने बुधवार को ड्यूटी के दौरान काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराया। राजधानी रांची स्थित राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) और सदर अस्पताल में सैकड़ों सरकारी, निजी, जूनियर और वरीय डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन भी किया। बाद में एक प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

रांची, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। सुरक्षा और सेवा संबंधी विभिन्न मांगों को लेकर झारखंड के डॉक्टर अआंदोलन पर उतर आए हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के बैनर तले राज्यभर के चिकित्सकों ने बुधवार को ड्यूटी के दौरान काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराया। राजधानी रांची स्थित राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) और सदर अस्पताल में सैकड़ों सरकारी, निजी, जूनियर और वरीय डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन भी किया। बाद में एक प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

आईएमए की झारखंड इकाई के अनुसार, डॉक्टरों के इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य राज्य में चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में झारखंड मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को कड़ाई से लागू करना, क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में व्यावहारिक संशोधन करना, और केंद्र व बिहार की तर्ज पर मेडिकल, डेंटिस्ट तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए डायनामिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (डीएसीपी) लागू करना शामिल है।

इसके अलावा, आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों के बकाया भुगतान का समाधान, सिंगल-विंडो सिस्टम के जरिए लाइसेंस व पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना, जूनियर डॉक्टरों की नियुक्ति व सेवा शर्तें सुधारना और महिला चिकित्सकों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने की भी मांग सरकार के सामने रखी गई है। चिकित्सा संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन मरीजों या स्वास्थ्य सेवाओं के खिलाफ नहीं है, बल्कि डॉक्टरों की सुरक्षा और मरीजों को बेहतर इलाज दिलाने के लिए है।

आंदोलन के दौरान आपातकालीन और जीवनरक्षक चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह बहाल रखी गई हैं। आईएमए की ओर से जारी पत्र के अनुसार, यदि राज्य सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की, तो 21 अक्टूबर को पूरे झारखंड में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बावजूद ठोस कदम न उठाए जाने की स्थिति में 22 अक्टूबर 2026 से राज्यभर के डॉक्टर पूर्ण कार्य बहिष्कार पर जाने के लिए बाध्य होंगे।

बुधवार को रांची में हुए विरोध प्रदर्शन में आईएमए झारखंड के सचिव डॉ प्रदीप सिंह, आईएमए एचबीआई के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ अभिषेक रामाधीन, डॉ शंभू सिंह, झारखंड चिकित्सा सेवा संघ के के प्रतिनिधि डॉ.अजीत व डॉ स्टीफन, जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ विकास, डॉ जयदीप और झारखंड स्वास्थ्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष मो. आदिल सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

--आईएएनएस

एसएनसी/पीएम

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