शराब पीने वालों के लिए जरूरी खबर! प्लास्टिक की बोतल में अल्कोहल रखना हो सकता है खतरनाक, जाने स्वास्थ्य पर इसके गंभीर प्रभाव
बहुत से लोग शराब खरीदने के बाद उसे छोटी प्लास्टिक की बोतलों में डाल लेते हैं, अक्सर सुविधा के लिए या यात्रा के दौरान। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि यह आदत आपकी सेहत और शराब की क्वालिटी, दोनों पर कैसे असर डाल सकती है? जानकारों का मानना है कि प्लास्टिक की बोतलों में लंबे समय तक शराब रखने से कुछ दिक्कतें हो सकती हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि प्लास्टिक की बोतल तुरंत खराब हो जाएगी या शराब उसे गला देगी, लेकिन लंबे समय तक रखने से बुरे असर पड़ सकते हैं।
यह चिंता की बात क्यों है?
स्पिरिट्स में मौजूद अल्कोहल एक सॉल्वेंट (घोलने वाला पदार्थ) की तरह काम करता है, यानी यह कुछ चीज़ों के साथ केमिकल रिएक्शन कर सकता है। इसीलिए जानकार आमतौर पर प्लास्टिक की बोतलों में लंबे समय तक शराब रखने की सलाह नहीं देते - खासकर अगर आप इसे महीनों या एक साल तक रखना चाहते हैं। प्लास्टिक कोई एक जैसा मटीरियल नहीं है; बाज़ार में कई तरह के प्लास्टिक मिलते हैं, और कुछ प्लास्टिक शराब के साथ बेहतर काम करते हैं। हालांकि, ज़्यादातर जानकार मानते हैं कि लंबे समय तक रखने के लिए कांच की बोतलें सबसे सुरक्षित विकल्प हैं।
इससे स्वाद पर भी असर पड़ सकता है
व्हिस्की और दूसरी प्रीमियम स्पिरिट्स पसंद करने वालों के लिए स्वाद सबसे ज़रूरी बात होती है। माना जाता है कि प्लास्टिक में लंबे समय तक शराब रखने से उसका असली स्वाद और खुशबू बदल जाती है। इसीलिए महंगी और अच्छी क्वालिटी की स्पिरिट्स लगभग हमेशा कांच की बोतलों में ही बेची जाती हैं। कांच के कंटेनर समय के साथ शराब का स्वाद बनाए रखने में मदद करते हैं, जबकि प्लास्टिक में रखी शराब धीरे-धीरे अपना असली स्वाद खो सकती है। अगर आप अपनी शराब के स्वाद और क्वालिटी को अहमियत देते हैं, तो प्लास्टिक के बजाय कांच की बोतल का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है।
क्या इससे आपकी सेहत पर असर पड़ सकता है?
इस बात की भी चिंता है कि प्लास्टिक से कुछ केमिकल शराब में मिल सकते हैं। हालांकि इस विषय पर अभी कम रिसर्च हुई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि प्लास्टिक में लंबे समय तक ड्रिंक्स रखने से केमिकल के शराब में मिलने (लीचिंग) का खतरा बढ़ सकता है। चीन पैकेजिंग रिसर्च एंड टेस्ट सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार, प्लास्टिक से निकलने वाले कुछ केमिकल शरीर में जा सकते हैं और चक्कर आना, सिरदर्द, पेट खराब होना और दूसरी शारीरिक परेशानियां पैदा कर सकते हैं। हालांकि इसके असर हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन ऐसी शराब का लंबे समय तक इस्तेमाल सेहत के लिए खतरा बढ़ा सकता है। इसीलिए शराब इंडस्ट्री में प्रीमियम प्रोडक्ट्स लगभग हमेशा कांच की बोतलों में पैक किए जाते हैं; कांच केमिकली बहुत स्थिर होता है और शराब के साथ कोई रिएक्शन नहीं करता है।

