दिल्ली में बढ़ते H1N1 मामलों के बीच ICMR की बड़ी राहत: देश में नहीं आया कोई नया स्ट्रेन, जानें लक्षण और किन लोगों को ज्यादा खतरा
दिल्ली में मौसमी फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी के बीच H1N1 को लेकर लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। हालांकि, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि भारत में H1N1 का कोई नया स्ट्रेन सामने नहीं आया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, फिलहाल देश में वही मौसमी वायरस सर्कुलेट हो रहे हैं जो 2025 से मौजूद हैं। ये वायरस उत्तरी गोलार्ध के लिए सुझाए गए मौजूदा वैक्सीन स्ट्रेन से भी अच्छी तरह मेल खाते हैं।
दिल्ली में 1,777 H1N1 मामले
दिल्ली में इस साल मौसमी इन्फ्लुएंजा के मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 20 अगस्त तक राजधानी में 1,777 H1N1 मामले सामने आए थे। वहीं, Influenza A के कुल मामले 2,392 तक पहुंच गए थे। 20 अगस्त को ही दिल्ली में 114 नए H1N1 मामले दर्ज किए गए थे।
दिल्ली में 2026 के दौरान अब तक कुल 2,602 मौसमी इन्फ्लुएंजा मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें Influenza A के 2,392 और Influenza B के 210 मामले शामिल हैं।
ICMR ने बताया कौन सा वायरस फैल रहा है?
ICMR वैज्ञानिकों के अनुसार, भारत में फिलहाल फैल रहा Influenza A (H1N1)pdm09 वायरस A/Missouri/11/2025 (H1N1)pdm09-like स्ट्रेन से संबंधित है। यह वायरस clade 6B.1A.5a2a और subclade D.3.1.1 के अंतर्गत आता है और 2025 से सर्कुलेशन में है।
इसलिए मौजूदा मामलों को किसी नए या अचानक सामने आए H1N1 स्ट्रेन का संकेत नहीं माना जा रहा है। वैज्ञानिकों ने नियमित सर्विलांस जारी रखने की बात कही है।
क्या H1N1 को लेकर घबराने की जरूरत है?
ICMR के मुताबिक मौजूदा स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। मौसमी इन्फ्लुएंजा के ज्यादातर मामले खुद ठीक होने वाले होते हैं। हालांकि, संक्रमण को हल्के में भी नहीं लेना चाहिए, खासकर उन लोगों को जिन्हें गंभीर बीमारी का ज्यादा खतरा हो सकता है।
बच्चे, बुजुर्ग और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू की जटिलताओं का जोखिम अधिक हो सकता है। कुछ गंभीर मामलों में निमोनिया और सांस से जुड़ी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
H1N1 के सामान्य लक्षण क्या हैं?
H1N1 समेत मौसमी फ्लू में आम तौर पर ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
बुखार
खांसी
गले में खराश
सिरदर्द
शरीर में दर्द और थकान
नाक बंद होना या बहना
कुछ मामलों में सूखी खांसी
अगर लक्षण लगातार बने रहें, तेजी से बिगड़ें या सांस लेने में परेशानी जैसी समस्या दिखाई दे, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
इस समय क्या सावधानी रखें?
फ्लू के लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों से दूरी बनाना, हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखना और खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है। हाई-रिस्क लोगों में लक्षण नजर आने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

