Samachar Nama
×

पेशाब को कितनी देर रोकना है सेफ़? जानिए ब्लैडर की क्षमता और इसके गंभीर नुकसान

पेशाब को कितनी देर रोकना है सेफ़? जानिए ब्लैडर की क्षमता और इसके गंभीर नुकसान

ऑफिस की मीटिंग, ट्रैफिक जाम, सफर या साफ वॉशरूम न मिलने जैसी परिस्थितियों में कई बार लोग पेशाब आने के बावजूद उसे रोक लेते हैं। कभी-कभार ऐसा करना सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर लंबे समय तक पेशाब रोकना आपकी आदत बन गई है तो इसका असर सेहत पर पड़ सकता है।गुरुग्राम स्थित सीके बिड़ला हॉस्पिटल के यूरोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. शलभ अग्रवाल के मुताबिक, स्वस्थ व्यक्ति को पेशाब आने पर उसे जरूरत से ज्यादा देर तक रोकने से बचना चाहिए।

कितनी देर तक रोक सकते हैं पेशाब?

डॉ. शलभ के अनुसार, एक स्वस्थ वयस्क आमतौर पर हर 3 से 4 घंटे में पेशाब करता है। पेशाब आने के बाद उसे केवल उतनी देर रोकना बेहतर है, जितनी देर में वॉशरूम तक पहुंचा जा सके।

आमतौर पर ब्लैडर में करीब 300 से 500 मिलीलीटर तक यूरिन जमा हो सकता है। हालांकि, ब्लैडर की क्षमता हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है।

पेशाब रोकने पर शरीर में क्या होता है?

किडनी लगातार यूरिन बनाती रहती है और यह ब्लैडर में जमा होता जाता है। जैसे-जैसे ब्लैडर भरता है, वह दिमाग को संकेत देता है कि पेशाब करने की जरूरत है।

अगर इस संकेत को बार-बार नजरअंदाज किया जाए तो ब्लैडर पर दबाव बढ़ सकता है। इससे पेट के निचले हिस्से में भारीपन या असहजता महसूस हो सकती है और लंबे समय तक ऐसा करना ब्लैडर के सामान्य कामकाज को प्रभावित कर सकता है।

ज्यादा देर तक पेशाब रोकने से क्या नुकसान हो सकता है?

लंबे समय तक या बार-बार पेशाब रोकने की आदत से कुछ लोगों में कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं, जैसे:

  • यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) का खतरा बढ़ सकता है।
  • ब्लैडर की मांसपेशियों के काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द या असहजता हो सकती है।
  • कुछ स्थितियों में किडनी पर भी असर पड़ सकता है।

इसलिए पेशाब आने पर उसे बार-बार और लंबे समय तक रोकने की आदत नहीं बनानी चाहिए।

क्या रातभर पेशाब न करना सामान्य है?

कई स्वस्थ लोग रात में 6 से 8 घंटे तक बिना पेशाब किए सो सकते हैं। नींद के दौरान शरीर आमतौर पर कम मात्रा में यूरिन बनाता है, इसलिए रात में पेशाब की जरूरत कम महसूस हो सकती है।

हालांकि, रात में नींद के दौरान पेशाब न आना और दिन में जानबूझकर पेशाब को रोकते रहना दोनों अलग-अलग स्थितियां हैं। अगर पेशाब से जुड़ी समस्या बार-बार हो रही है, दर्द या जलन होती है या पेशाब करने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

Share this story

Tags