मुंह के छालों का कारण शरीर में गर्मी का बढना है, करें इसका घरेलू उपचार
जयपुर हेल्थ। मुंह के छाले एक आम स्वास्थ्य समस्या है, जो साल में 1-2 बार सभी को होती है। कुछ मुंह के छाले 3-4 दिन तक रहते हैं तो कुछ 15-20 दिन तक रहते हैं। आमतौर पर मुंह में छालों का मुख्य कारण पेट की गड़बड़ी को माना जाता है।
आयुर्वेद के अनुसार भी पेट में ऊष्मा बढ़ने पर या शरीर में पित्त दोष के बढ़ने पर मुंह में छाले आते हैं। तुलसी की पत्तियों में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण होते हैं। इसलिए इसके सेवन से बैक्टीरिया और वायरस का खात्मा होता है। मुंह में छाले होने पर 2 ग्लास पानी में 10-12 तुलसी की पत्तियों को उबालें और फिर इसे ठंडा होने के लिए रख दें।
जब ये पानी गुनगुना रह जाए, तो इसमें 2 चुटकी नमक मिलाएं और फिर इसे छानकर इस पानी से गरारा करें। मुंह में पानी भरें और 1-2 मिनट तक मुंह में ही रहने दें। इसके बाद पानी को थूककर दोबारा एक सिप लें और फिर इसी तरह कुल्ला करें। इस तरह गरारा करने से आपको दर्द और जलन से तुरंत आराम मिलेगा।
इसे दिन में 2 बार ,2 दिन करें आपको छालों से राहत मिल जायेगा। काले मुनक्का को भिगोकर आप इसे रात में सोते समय चबाकर खाएं, तो आपके पेट की गर्मी निकल जाएगी और पित्त दोष भी दूर होगा। इससे कुछ दिनों में ही आपके मुंह के छाले पूरी तरह ठीक हो जाएंगे और आप स्वस्थ हो जाएंगे। रोजाना रात में भीगे मुनक्का का सेवन करने से आपकी पाचन क्षमता बढ़ती है और पेट स्वस्थ रहता है।
नीला थोथा एक आयुर्वेदिक औषधि है, इसके प्रयोग के लिए थोड़ा सा नीला थोथा लें और इसे हल्की आंच में कुछ मिनट भून लें। अब इस नीला थोथा की एक चुटकी लें और इसे छाले वाली जगह पर लगा लें। इससे आपको छाले की जलन में तुरंत आराम मिलेगा।

