तमिलनाडु में सांस की बीमारियों का प्रकोप बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में मास्क पहनना किया अनिवार्य
चेन्नई, 24 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु में सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने मरीजों और आने-जाने वालों से अस्पतालों में मास्क पहनने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि भले ही मास्क पहनना अनिवार्य नहीं है, फिर भी सांस से जुड़ी बीमारियां फैल सकती हैं।
यह अपील राज्य में डेंगू, स्क्रब टाइफस, कोविड-19, चिकनपॉक्स और खसरे जैसी बीमारियों के मामलों को लेकर जताई जा रही चिंता के बीच की गई है।
अधिकारियों ने कहा कि डेंगू की तुलना में सांस से जुड़ी बीमारियां (रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन) ज्यादा लोगों को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले कई लोग बिना मास्क के आ रहे हैं।
अधिकारियों ने कहा, "तमिलनाडु में डेंगू से ज्यादा तेजी से सांस से जुड़ी बीमारियां फैल रही हैं। ये बीमारियां आसानी से एक से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती हैं। फिर भ अस्पतालों में आने वाले मरीज और उनके साथ आने वाले लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं।"
उन्होंने अस्पताल आने वाले सभी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी, खासकर उन जगहों पर जहां मरीज इकट्ठा होते हैं। हालांकि मास्क पहनने का कोई अनिवार्य नियम नहीं है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि लोगों को अस्पताल जाने पर संक्रमण फैलने की संभावना को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह चेतावनी सांस से जुड़ी बीमारियों के बारे में है और इसे बताई गई अन्य बीमारियों के फैलने के तरीके से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
डेंगू संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है, जबकि स्क्रब टाइफस संक्रमित माइट्स (एक तरह के छोटे कीड़े) के काटने से होता है।
मास्क इन बीमारियों को उनके सामान्य तरीके से फैलने से नहीं रोकते हैं। खसरा और कुछ अन्य वायरल बीमारियां हवा के जरिए फैल सकती हैं, इसलिए जिन लोगों में लक्षण दिख रहे हैं, उनके आसपास सावधानी बरतना जरूरी है।
चिकनपॉक्स भी सांस से निकलने वाले तरल पदार्थों और छालों से निकलने वाले तरल के संपर्क में आने से फैल सकता है।
अलग-अलग बीमारियों के लिए अलग-अलग बचाव के उपाय करने पड़ते हैं, भले ही मरीजों का इलाज एक ही अस्पताल में हो रहा हो।
अधिकारियों ने अपनी अपील में इस बात पर जोर दिया कि सांस से जुड़ी बीमारियों के लक्षण वाले लोगों और इलाज का इंतजार कर रहे अन्य लोगों के बीच नजदीकी संपर्क से खतरा हो सकता है।
मरीज के साथ आने वाला व्यक्ति रजिस्ट्रेशन एरिया, कॉरिडोर और आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) में समय बिता सकता है, जहां बीमार लोगों के संपर्क में आने से बचना मुश्किल हो सकता है।
स्वास्थ्य संबंधी गाइडलाइंस में सलाह दी गई है कि खांसी या सांस से जुड़ी अन्य बीमारियों के लक्षण वाले लोग हेल्थकेयर सेंटर में रहते हुए मास्क पहनें।
अस्पताल मास्क और हाथ की सफाई का सामान उपलब्ध करा सकते हैं और ऐसे मरीज़ों की पहचान कर सकते हैं जिन्हें दूसरों से अलग रखने की जरूरत हो सकती है। पब्लिक हेल्थ अधिकारियों ने मरीजों और उनके साथ आने वाले लोगों से अस्पताल जाते समय ज़िम्मेदारी से व्यवहार करने की अपील की। उनका संदेश था कि मास्क मरीजों, आने-जाने वालों और हेल्थकेयर वर्कर्स के बीच सांस से जुड़ी बीमारियों के फैलने के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं।
--आईएएनएस
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