Samachar Nama
×

एनआईएमएस ने 1,000 रोबोट-असिस्टेड सर्जरी का मील का पत्थर हासिल किया

हैदराबाद, 3 अगस्त (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार ने सोमवार को बताया कि हैदराबाद के निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एनआईएमएस) ने देश भर के सरकारी हेल्थकेयर संस्थानों के लिए एक नया बेंचमार्क स्थापित करते हुए तीन साल से भी कम समय में 1,000 रोबोट-असिस्टेड सर्जरी करने का मील का पत्थर हासिल किया है।

हैदराबाद, 3 अगस्त (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार ने सोमवार को बताया कि हैदराबाद के निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एनआईएमएस) ने देश भर के सरकारी हेल्थकेयर संस्थानों के लिए एक नया बेंचमार्क स्थापित करते हुए तीन साल से भी कम समय में 1,000 रोबोट-असिस्टेड सर्जरी करने का मील का पत्थर हासिल किया है।

सरकार ने कहा कि यह उपलब्धि सभी के लिए बेहतर हेल्थकेयर उपलब्ध कराने के उनके संकल्प को दिखाती है और पब्लिक हेल्थकेयर में एक क्रांतिकारी बदलाव है। इससे उन मरीजों को भी वर्ल्ड-क्लास रोबोटिक सर्जरी मिल पा रही है जो पहले इतना महंगा इलाज नहीं करा सकते थे।

एनआईएमएस की गवर्निंग काउंसिल के प्रेसिडेंट और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने एनआईएमएस के डायरेक्टर और यूरोलॉजी व रीनल ट्रांसप्लांटेशन के सीनियर प्रोफेसर और रोबोटिक सर्जरी कोऑर्डिनेटर डॉ. राहुल देवराज के साथ-साथ यूरोलॉजी, सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, एनेस्थिसियोलॉजी, नर्सिंग सर्विस, ऑपरेशन थिएटर स्टाफ और सभी सपोर्टिंग विभागों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने में उनके बेहतरीन समर्पण, टीम वर्क और प्रतिबद्धता के लिए तारीफ की।

मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को पब्लिक हेल्थकेयर में एक बड़ा बदलाव लाने वाला पल बताया, जिससे वर्ल्ड-क्लास रोबोटिक सर्जरी उन मरीजों की पहुंच में आ गई है जो पहले कभी इतना बेहतर इलाज नहीं करा सकते थे।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि एनआईएमएस की बेहतरीन काम करने, नई चीजें आजमाने और सभी को समान रूप से हेल्थकेयर सुविधाएं देने की अटूट कोशिश का सबूत है।

रोजमर्रा के क्लिनिकल काम में आधुनिक रोबोटिक टेक्नोलॉजी को शामिल करके, एनआईएमएस ने सर्जरी में सटीकता बढ़ाई है, ऑपरेशन के बाद होने वाले दर्द और खून के नुकसान को कम किया है, अस्पताल में रहने का समय घटाया है, और मरीजों के तेजी से ठीक होने में मदद की है।

1,000 रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी में से 590 सर्जरी यूरोलॉजी विभाग, 248 सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और 162 सर्जिकल ऑन्कोलॉजी ने कीं। इनमें यूरोलॉजी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, हेपेटोबिलियरी, पैंक्रियाटिक, कोलोरेक्टल, गायनेकोलॉजिकल और ऑन्कोलॉजिकल से जुड़ी कई तरह की जटिल सर्जरी शामिल थीं।

इनमें से 90 प्रतिशत से ज्यादा सर्जरी सरकार द्वारा समर्थित हेल्थकेयर स्कीम, जैसे आरोग्यश्री और मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) के तहत पूरी तरह मुफ्त की गईं। इससे यह पक्का हुआ कि आधुनिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों तक पहुंचे और हर नागरिक के लिए सस्ती, वर्ल्ड-क्लास हेल्थकेयर सुविधा देने के तेलंगाना सरकार के संकल्प को फिर से दोहराया गया।

यूरोलॉजी विभाग ने 1 साल से लेकर 80 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की 590 सर्जरी कीं। सर्जरी में बहुत जटिल प्रक्रियाएं शामिल हैं, जैसे प्रोस्टेट कैंसर के लिए रेडिकल प्रोस्टेटेक्टॉमी, ब्लैडर कैंसर के लिए रेडिकल सिस्टेक्टॉमी, जटिल रोबोटिक रीनल ट्रांसप्लांटेशन सर्जरी, यूरोगायनेकोलॉजिकल प्रक्रियाएं, यूरो-रिकंस्ट्रक्टिव प्रक्रियाएं (जैसे बोआरी ​​फ्लैप, यूरेटरिक रीइम्प्लांटेशन, पाइलोप्लास्टी—जिसमें बच्चों की पाइलोप्लास्टी भी शामिल है) और अन्य एडवांस्ड रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी।

स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा ने एनआईएमएस के उन सभी डॉक्टरों, नर्सों, तकनीशियनों और कर्मचारियों को बधाई दी जिन्होंने यह खास उपलब्धि हासिल की है।

उन्होंने कहा, "लोगों तक एडवांस्ड मेडिकल सेवाएं पहुंचाने के हमारी सरकार के संकल्प के सबूत के तौर पर यह खुशी की बात है कि इनमें से 90 प्रतिशत से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी आरोग्यश्री और सीएमआरएफ योजनाओं के तहत मुफ्त में की गई हैं। हर नागरिक के लिए विश्व-स्तरीय मेडिकल सेवाएं सुनिश्चित करना तेलंगाना सरकार का लक्ष्य है।"

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

Share this story