लाहौल-स्पीति में बनेगा हाई एल्टीट्यूड हेल्थ रिसर्च सेंटर, जेपी नड्डा ने रखी आधारशिला
केलांग, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को आईसीएमआर के 'हाई एल्टीट्यूड मेडिसिन एंड पब्लिक हेल्थ रिसर्च सेंटर' की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि यह केंद्र स्वास्थ्य अनुसंधान के लिए एक मजबूत संस्थागत आधार तैयार करेगा और हिमालयी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के सामने आने वाली स्वास्थ्य संबंधी खास चुनौतियों के बारे में वैज्ञानिक समझ को बढ़ाएगा।
इस मौके पर बोलते हुए, नड्डा ने ऑक्सीजन का कम स्तर, बहुत ज्यादा ठंड, बदलते मौसम और आदिवासी समुदायों की खास जीवनशैली से सेहत पर पड़ने वाले असर को समझने के लिए समर्पित वैज्ञानिक रिसर्च के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने सेहत से जुड़े खतरों की पहचान करने, सही उपाय करने और बचाव वाली हेल्थकेयर को मजबूत करने के लिए इन खास इलाकों की चुनौतियों का व्यवस्थित अध्ययन करने की जरूरत पर जोर दिया।
हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और अच्छी क्वालिटी वाली हेल्थकेयर तक पहुंच पक्की करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस सेंटर की स्थापना दूरदराज के हिमालयी और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की खास हेल्थकेयर जरूरतों को पूरा करने को दी गई अहमियत को दिखाती है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रिसर्च पर आधारित उपाय सेहत के नतीजों को बेहतर बनाने और इन मुश्किल हालात में काम करने वाले स्थानीय समुदायों और सशस्त्र बलों के जवानों की भलाई को बढ़ाने में मदद करेंगे।
नड्डा ने इस सेंटर को स्थापित करने में आईसीएमआर और आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज के बीच सहयोग की सराहना की।
उन्होंने एम्स बिलासपुर के योगदान को भी माना, जो इस इलाके में आने वाले मरीजों पर ज्यादा ऊंचाई वाले हालात के सेहत पर पड़ने वाले असर का अध्ययन करने में हिस्सा लेगा। यह सहयोग वैज्ञानिक विशेषज्ञता और क्लिनिकल अनुभव को एक साथ लाएगा ताकि ज्यादा ऊंचाई वाली जगहों पर सेहत से जुड़ी चुनौतियों की समझ गहरी हो सके और सबूत-आधारित हेल्थकेयर उपायों को बढ़ावा मिल सके।
इस पहल के लंबे समय के महत्व पर जोर देते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि यह सेंटर आदिवासी समुदायों और ज्यादा उंचाई वाले इलाकों में तैनात सशस्त्र बलों के जवानों के लिए हेल्थकेयर को बेहतर बनाने में योगदान देगा।
नड्डा ने कोविड-19 वैक्सीन विकसित करने में आईसीएमआर की भूमिका की भी सराहना की, जिसने न केवल भारत में बल्कि दुनियाभर के अन्य देशों में भी महामारी से लड़ने में मदद की।
बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने लाहौल-स्पीति जिले के केलांग में हाई एल्टीट्यूड रिसर्च सेंटर स्थापित करने में इस सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। ज्यादा ऊंचाई वाले माहौल में काम करने के सशस्त्र बलों के अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि यह संयुक्त रिसर्च पहल ज्यादा ऊंचाई से जुड़ी सेहत की चुनौतियों की वैज्ञानिक समझ को गहरा करने और असरदार मेडिकल समाधान विकसित करने में मदद करेगी।
संजय सेठ ने ऊंचाई वाले इलाकों की स्थितियों से जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए आईसीएमआर की वैज्ञानिक रिसर्च क्षमताओं और आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज के व्यावहारिक अनुभव को मिलाने के महत्व पर जोर दिया। इस केंद्र में की जा रही रिसर्च से मानव शरीर पर ऊंचाई के असर को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे मुश्किल हालात में काम करने वाले जवानों और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले स्थानीय समुदायों को भी फायदा हो सकता है।
--आईएएनएस
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