Samachar Nama
×

गुजरात में 16 मई से बच्चों के लिए 225 'समर योगा कैंप' आयोजित किए जाएंगे

गांधीनगर, 15 मई (आईएएनएस)। गुजरात राज्य योग बोर्ड राज्य के शहरों, तालुकों और गांवों में 7 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए 16 से 30 मई तक लगभग 225 समर योगा कैंप का आयोजन करेगा। यह राज्यव्यापी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना और समर वेकेशन के दौरान 'स्क्रीन' के अत्यधिक उपयोग को कम करना है।
गुजरात में 16 मई से बच्चों के लिए 225 'समर योगा कैंप' आयोजित किए जाएंगे

गांधीनगर, 15 मई (आईएएनएस)। गुजरात राज्य योग बोर्ड राज्य के शहरों, तालुकों और गांवों में 7 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए 16 से 30 मई तक लगभग 225 समर योगा कैंप का आयोजन करेगा। यह राज्यव्यापी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना और समर वेकेशन के दौरान 'स्क्रीन' के अत्यधिक उपयोग को कम करना है।

'समर योगा कैंप-2026' का आयोजन 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस' के उपलक्ष्य में किया जा रहा है, और इसका उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही योग और स्वास्थ्य संबंधी प्रथाओं से परिचित कराना है।

यह कार्यक्रम बच्चों में मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग, शारीरिक गतिविधि में कमी, मानसिक तनाव और अनियमित जीवनशैली को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच शुरू किया जा रहा है।

बोर्ड के अनुसार, इन शिविरों का उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से ही स्वस्थ जीवनशैली, अच्छे मूल्यों, अनुशासन, आत्मविश्वास, एकाग्रता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है।

बोर्ड ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गर्मियों की छुट्टियां न केवल मनोरंजन के लिए बल्कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सांस्कृतिक विकास के लिए भी एक उत्कृष्ट अवसर बनें।

शिविरों में भाग लेने वाले बच्चों को योगासन, प्राणायाम, ध्यान, सूक्ष्म व्यायाम और मनोरंजक योग गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

शिविरों के दौरान शारीरिक फिटनेस, मानसिक एकाग्रता, स्वास्थ्य जागरूकता, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों पर भी सत्र आयोजित किए जाएंगे।

आयोजकों ने कहा कि बच्चों में टीम वर्क, नेतृत्व क्षमता, सकारात्मकता और अनुशासित जीवन शैली विकसित करने में मदद करने के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

शिविरों का उद्देश्य बच्चों को मोबाइल फोन और टेलीविजन स्क्रीन से दूर समय बिताने और योग, स्वास्थ्य और प्रकृति से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।

बोर्ड ने कहा कि डिजिटल युग में बच्चों में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के लिए योग एक प्रभावी और प्राकृतिक समाधान साबित हो सकता है।

--आईएएनएस

एमएस/

Share this story

Tags