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गुजरात: अहमदाबाद सिविल अस्पताल में 250वां अंगदान दर्ज किया गया

अहमदाबाद, 27 जुलाई (आईएएनएस)। अहमदाबाद सिविल अस्पताल ने मृत व्यक्तियों के 250 अंगदान का आंकड़ा पार कर लिया है। पश्चिम बंगाल के 58 वर्षीय एक व्यक्ति के मस्तिष्क मृत्यु घोषित होने के बाद उनके परिवार ने उनके अंगदान करने की सहमति दी, जिससे तीन मरीजों को जीवन रक्षक अंग प्रत्यारोपण प्राप्त करने में मदद मिली।

अहमदाबाद, 27 जुलाई (आईएएनएस)। अहमदाबाद सिविल अस्पताल ने मृत व्यक्तियों के 250 अंगदान का आंकड़ा पार कर लिया है। पश्चिम बंगाल के 58 वर्षीय एक व्यक्ति के मस्तिष्क मृत्यु घोषित होने के बाद उनके परिवार ने उनके अंगदान करने की सहमति दी, जिससे तीन मरीजों को जीवन रक्षक अंग प्रत्यारोपण प्राप्त करने में मदद मिली।

पश्चिम बंगाल के मूल निवासी प्रसून भौमिक अपने घर के बाथरूम में गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अहमदाबाद सिविल अस्पताल ले जाया गया और गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया। दो दिनों के गहन उपचार के बावजूद, डॉक्टरों ने 26 जुलाई को उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

डॉ. मोहित चंपावत के नेतृत्व में अस्पताल की अंगदान टीम द्वारा परामर्श के बाद, भौमिक की पत्नी क्षमा ने परिवार के शोक के बावजूद उनके अंगदान करने के लिए सहमति दी।

डॉनर से प्राप्त एक यकृत और दो गुर्दे सिविल मेडिसिटी परिसर स्थित गुर्दा रोग एवं अनुसंधान केंद्र (आईकेडीआरसी) में इलाज करा रहे तीन रोगियों में प्रत्यारोपित किए जाएंगे।

यह अंगदान गुजरात के प्रमुख सार्वजनिक अंगदान केंद्रों में से एक अहमदाबाद सिविल अस्पताल द्वारा संपन्न 250वां मृत अंगदान है।

स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने इस उपलब्धि को गुजरात के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।

उन्होंने कहा कि अहमदाबाद सिविल अस्पताल द्वारा 250वें अंगदान का मील का पत्थर हासिल करना पूरे राज्य के लिए अपार गर्व की बात है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग तक यह संदेश पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है कि 'अंगदान सबसे बड़ा दान है'। मैं उन सभी परिवारों को तहे दिल से सलाम करता हूं जिन्होंने अपने प्रियजन को खोने के अपार दर्द के बावजूद उनके अंगों को दान करने का निस्वार्थ निर्णय लिया और सिविल अस्पताल की संपूर्ण अंगदान टीम और डॉक्टरों को हार्दिक बधाई देता हूं।

अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने कहा कि यह उपलब्धि अंगदान कार्यक्रम के प्रति बढ़ती जन जागरूकता और विश्वास को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि यह 250वां अंगदान मात्र एक संख्या नहीं, बल्कि बढ़ती जन जागरूकता, डॉक्टरों पर बढ़ते विश्वास और निस्वार्थ सेवा की भावना का प्रतीक है।

डॉ. जोशी ने बताया कि अस्पताल को अब तक 250 मृत डॉनर्स से 827 अंग प्राप्त हुए हैं, जिनमें 224 यकृत, 462 गुर्दे, 21 अग्न्याशय, 78 हृदय, 34 फेफड़े, छह हाथ और दो छोटी आंतें शामिल हैं।

--आईएएनएस

एमएस/

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