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स्कूलों में मिलने वाले जंक फूड पर होगी और सख्ती; एफएसएसएआई ने वसा, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थों के लिए प्रस्तावित की नई सीमाएं

नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने स्कूलों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों को लेकर नियम और सख्त करने का प्रस्ताव रखा है। खाद्य नियामक ने ऐसे खाद्य उत्पादों की पहचान के लिए निर्धारित मात्रात्मक मानक प्रस्तावित किए हैं, जिनमें अधिक मात्रा में अतिरिक्त वसा, चीनी या नमक होता है।

नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने स्कूलों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों को लेकर नियम और सख्त करने का प्रस्ताव रखा है। खाद्य नियामक ने ऐसे खाद्य उत्पादों की पहचान के लिए निर्धारित मात्रात्मक मानक प्रस्तावित किए हैं, जिनमें अधिक मात्रा में अतिरिक्त वसा, चीनी या नमक होता है।

भारत के राजपत्र (गैजेट ऑफ इंडिया) में प्रकाशित ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के अनुसार, एफएसएसएआई ने 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित भोजन और संतुलित आहार) विनियम, 2020' में संशोधन का प्रस्ताव दिया है, जिसका उद्देश्य स्कूलों में बच्चों के लिए उपलब्ध खाद्य पदार्थों को अधिक स्वस्थ बनाना और अस्वास्थ्यकर खानपान पर नियंत्रण करना है।

प्रस्तावित नियमों में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा जारी 'डायटरी गाइडलाइंस फॉर इंडियंस-2024' को आधार बनाया गया है, जिसके तहत ऐसे खाद्य पदार्थों की स्पष्ट पहचान की जाएगी, जिनमें अतिरिक्त वसा, चीनी या सोडियम की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक होगी।

एफएसएसएआई के प्रस्ताव के अनुसार, कोई भी ठोस खाद्य पदार्थ यदि प्रति 100 ग्राम में 4.2 ग्राम से अधिक अतिरिक्त वसा रखता है, तो उसे 'हाई फैट' श्रेणी में रखा जाएगा। वहीं तरल खाद्य पदार्थों के लिए यह सीमा 1.5 ग्राम प्रति 100 मिलीलीटर तय की गई है।

इसी प्रकार, अतिरिक्त चीनी के मामले में ठोस खाद्य पदार्थों के लिए प्रस्तावित सीमा 3 ग्राम प्रति 100 ग्राम और तरल उत्पादों के लिए 2 ग्राम प्रति 100 मिलीलीटर निर्धारित की गई है। इससे अधिक चीनी वाले उत्पादों को 'हाई शुगर' श्रेणी में वर्गीकृत किया जाएगा।

नमक या सोडियम की मात्रा को लेकर भी स्पष्ट मानक प्रस्तावित किए गए हैं। ड्राफ्ट के अनुसार, यदि किसी ठोस खाद्य पदार्थ में 0.625 ग्राम से अधिक नमक प्रति 100 ग्राम हो या किसी तरल उत्पाद में 0.175 ग्राम से अधिक नमक प्रति 100 मिलीलीटर पाया जाए, तो उसे 'हाई सोडियम' की श्रेणी में रखा जाएगा।

नए प्रावधान को स्कूलों में निगरानी और निरीक्षण से संबंधित मौजूदा नियमों के बाद जोड़ा जाएगा, जिससे स्कूल परिसरों में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और पोषण स्तर का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।

एफएसएसएआई ने कहा है कि ये मसौदा नियम फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के प्रावधानों के तहत तैयार किए गए हैं और इन्हें केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति प्राप्त है।

खाद्य नियामक ने इस मसौदे पर आम जनता, खाद्य उद्योग, स्कूलों और अन्य हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। अधिसूचना सार्वजनिक होने की तारीख से 60 दिनों के भीतर सुझाव भेजे जा सकते हैं।

एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि के भीतर प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद ही अंतिम नियम अधिसूचित किए जाएंगे।

--आईएएनएस

डीबीपी

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