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एफएसएसएआई ने शिशु पोषण उत्पादों को लेकर नेस्ले इंडिया के खिलाफ तीन मामलों में शुरू की कानूनी कार्रवाई

नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने शुक्रवार को कहा कि उसने नेस्ले इंडिया के खिलाफ उसके शिशु पोषण उत्पादों को लेकर कथित नियामकीय उल्लंघनों के संबंध में तीन अलग-अलग न्यायनिर्णयन (एडजुडिकेशन) मामले शुरू किए हैं। इनमें एनएएन एक्सेला प्रो स्टेज 1 और लैक्टोजेन प्रो 1 जैसे उत्पाद शामिल हैं।

नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने शुक्रवार को कहा कि उसने नेस्ले इंडिया के खिलाफ उसके शिशु पोषण उत्पादों को लेकर कथित नियामकीय उल्लंघनों के संबंध में तीन अलग-अलग न्यायनिर्णयन (एडजुडिकेशन) मामले शुरू किए हैं। इनमें एनएएन एक्सेला प्रो स्टेज 1 और लैक्टोजेन प्रो 1 जैसे उत्पाद शामिल हैं।

खाद्य नियामक द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए नोटिस के अनुसार, एफएसएसएआई ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर सूचीबद्ध इन उत्पादों और उनसे जुड़े प्रचार सामग्री की जांच की तथा कुछ दावों पर आपत्ति जताई।

एनएएन एक्सेला प्रो स्टेज 1 के मामले में नियामक ने "5 एचएमओएस" और "व्हे प्रोटीन" से जुड़े दावों पर सवाल उठाए हैं। वहीं लैक्टोजेन प्रो 1 के लिए व्हे प्रोटीन को आसानी से पचने योग्य बताए जाने वाले दावे पर आपत्ति दर्ज की गई है।

एफएसएसएआई ने कहा कि इन दावों के संबंध में नेस्ले इंडिया से स्पष्टीकरण मांगा गया था। जांच के बाद नियामक ने पाया कि ये उत्पाद फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (फूड्स फॉर इन्फेंट न्यूट्रिशन) रेगुलेशंस, 2020 के नियम 4(2) का उल्लंघन करते हैं।

यह नियम शिशु आहार उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के उद्देश्य से किए जाने वाले प्रचार और दावों पर प्रतिबंध लगाता है। एफएसएसएआई ने इन्फेंट मिल्क सब्स्टीट्यूट्स, फीडिंग बॉटल्स एंड इन्फेंट फूड्स (रेगुलेशन ऑफ प्रोडक्शन, सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) अधिनियम, 1992 की धारा 3 का भी हवाला दिया, जो ऐसे उत्पादों के विज्ञापन और प्रचार पर रोक लगाती है।

एक अन्य मामले में एफएसएसएआई ने कहा कि नेस्ले इंडिया द्वारा निर्मित एक फॉलो-अप फॉर्मूला के नमूने में प्रयोगशाला परीक्षण के दौरान बायोटिन की मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।

इसके बाद नमूने को दोबारा परीक्षण के लिए एक रेफरल प्रयोगशाला भेजा गया। दूसरे परीक्षण में भी यह पाया गया कि उत्पाद फूड्स फॉर इन्फेंट न्यूट्रिशन रेगुलेशंस, 2020 के तहत निर्धारित बायोटिन मानकों को पूरा नहीं करता है।

एफएसएसएआई ने कहा कि इन नियामकीय मुद्दों के संबंध में नेस्ले इंडिया के खिलाफ तीन अलग-अलग न्यायनिर्णयन मामले दायर किए गए हैं।

हालांकि नियामक के नोटिस में यह नहीं कहा गया है कि नेस्ले इंडिया पर कोई अंतिम जुर्माना लगाया गया है। ये मामले फिलहाल कथित प्रचार संबंधी उल्लंघनों और बायोटिन की मात्रा से जुड़े प्रयोगशाला निष्कर्षों से संबंधित हैं।

खबर प्रकाशित होने तक नेस्ले इंडिया की ओर से इस नोटिस पर स्टॉक एक्सचेंजों को कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई थी।

--आईएएनएस

डीबीपी

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