इबोला पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पर अफ्रीका सीडीसी ने युगांडा की तारीफ की
कम्पाला, 3 अगस्त (आईएएनएस)। अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (अफ्रीका सीडीसी) ने सोमवार को युगांडा की तारीफ की और कहा कि उसने अपने हालिया इबोला प्रकोप को सफलतापूर्वक काबू में कर लिया है। संस्था ने इसका श्रेय मजबूत राष्ट्रीय नेतृत्व और सभी पक्षों के मिलकर किए गए प्रयासों को दिया।
अफ्रीका सीडीसी के डायरेक्टर-जनरल जीन कासेया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर यह बात कही। उन्होंने कंपाला में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अफ्रीका क्षेत्रीय निदेशक मोहम्मद याकुब जनाबी और युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एक बैठक की सह-अध्यक्षता की थी।
कासेया ने लिखा, "हमने युगांडा की सराहना की, जिसने मजबूत राष्ट्रीय नेतृत्व और समन्वित प्रयासों के जरिए इबोला प्रकोप को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया।"
उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि को बनाए रखना बेहद जरूरी है। भविष्य में संक्रमण को फैलने से रोकने और पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार तैयारी, सतर्क निगरानी और सीमापार बेहतर समन्वय जरूरी रहेगा।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक युगांडा ने 28 जुलाई को आधिकारिक तौर पर इबोला प्रकोप खत्म होने की घोषणा की थी।
यह घोषणा डब्ल्यूएचओ की तय 42 दिनों की मानक निगरानी अवधि पूरी होने से पहले की गई। युगांडा ने अपना आखिरी इबोला मरीज 16 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी दी थी, जब उसकी रिपोर्ट वायरस के लिए नेगेटिव आई थी।
वहीं, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में चल रहा इबोला प्रकोप अब देश के इतिहास का सबसे बड़ा प्रकोप बन गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शनिवार को बताया कि यह 2018 से 2020 के बीच फैले पिछले बड़े प्रकोप से भी आगे निकल चुका है।
डब्ल्यूएचओ की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार तक डीआरसी में बुंडिबुग्यो वायरस से होने वाली इबोला बीमारी के 3,605 पुष्ट मामले सामने आ चुके थे। इनमें 1,587 लोगों की मौत हुई है, यानी मृत्यु दर लगभग 44 प्रतिशत रही है। इससे पहले देश का सबसे बड़ा इबोला प्रकोप 2018-2020 के दौरान पूर्वी हिस्से में फैला था, जिसमें 3,317 पुष्ट मामले दर्ज किए गए थे।
मौजूदा प्रकोप शुरुआत में इतुरी प्रांत के मोंगब्वालु स्वास्थ्य क्षेत्र तक सीमित था। लेकिन पिछले दो महीनों में यह फैलकर पांच प्रांतों के 49 स्वास्थ्य क्षेत्रों तक पहुंच गया है। इनमें इटुरी, नॉर्थ किवू, साउथ किवू, ट-उएले और शोपो शामिल हैं।
इस प्रकोप का असर स्वास्थ्यकर्मियों पर भी गंभीर रूप से पड़ा है। अब तक 151 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हुए हैं और 44 की मौत हो चुकी है। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि यह स्वास्थ्य संस्थानों में संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण उपायों में अब भी मौजूद कमियों को दिखाता है।
--आईएएनएस
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