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Health & Wellness: 2 मिनट की एक प्रार्थना और बदल जाएगा आपका योग अनुभव! जानिए इसका सही तरीका और फायदे​​​​​​​

Health & Wellness: 2 मिनट की एक प्रार्थना और बदल जाएगा आपका योग अनुभव! जानिए इसका सही तरीका और फायदे​​​​​​​

अगर आप रोजाना योग करते हैं और योग मैट बिछाते ही सीधे आसन करना शुरू कर देते हैं, तो अपनी इस आदत में थोड़ा बदलाव कर सकते हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार, योगाभ्यास की शुरुआत कुछ क्षण प्रार्थना और सकारात्मक भाव के साथ करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे व्यक्ति का मन शांत होता है, एकाग्रता बढ़ती है और शरीर व दिमाग योगाभ्यास के लिए तैयार हो जाते हैं।योग को सिर्फ शरीर को फिट रखने वाली एक्सरसाइज समझना सही नहीं है। भारतीय योग परंपरा में इसे शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन बनाने की प्रक्रिया माना गया है। इसलिए योग करते समय सिर्फ आसनों पर ध्यान देने के बजाय मानसिक स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है।

योग से पहले प्रार्थना करने का क्या है महत्व?

आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग का अभ्यास शांत और सकारात्मक मन से किया जाए तो व्यक्ति अपने अभ्यास पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकता है। इसी वजह से योग शुरू करने से पहले प्रार्थना करने की सलाह दी जाती है।प्रार्थना के दौरान व्यक्ति कुछ समय के लिए अपनी रोजमर्रा की चिंताओं और भागदौड़ से खुद को अलग करता है। इससे मन को स्थिर करने और विचारों को एक जगह केंद्रित करने में मदद मिल सकती है।योग शुरू करने से पहले कुछ पल शांत बैठना, गहरी सांस लेना और सकारात्मक भाव के साथ अभ्यास का संकल्प लेना शरीर और मन को योग के लिए तैयार करने का एक अच्छा तरीका माना जाता है।

सीधे आसन करने के बजाय पहले मन को करें तैयार

अक्सर लोग सुबह उठकर योग मैट पर पहुंचते ही सूर्य नमस्कार, प्राणायाम या दूसरे आसन शुरू कर देते हैं। लेकिन योगाभ्यास को ज्यादा ध्यानपूर्ण बनाने के लिए शुरुआत में कुछ मिनट खुद को मानसिक रूप से तैयार करना उपयोगी हो सकता है।आप योग शुरू करने से पहले शांत होकर बैठ सकते हैं। अपनी सांसों पर ध्यान दे सकते हैं और मन में सकारात्मक विचार ला सकते हैं। इसके बाद प्रार्थना या अपने विश्वास के अनुसार कोई सकारात्मक संकल्प लेकर धीरे-धीरे योगाभ्यास शुरू किया जा सकता है।इस तरह योग सिर्फ शरीर की गतिविधि नहीं रह जाता, बल्कि यह मन को शांत करने और खुद के साथ जुड़ने का समय भी बन सकता है।

क्या है योग 365 अभियान?

योग को केवल किसी खास दिन या अवसर तक सीमित न रखते हुए रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से योग 365 अभियान की अवधारणा भी सामने रखी गई है। इसका संदेश है कि योग को नियमित दिनचर्या में शामिल किया जाए और इसे पूरे साल जारी रखा जाए।इस अभियान के तहत लोगों को योग मैट बिछाने के साथ कुछ पल रुकने, प्रार्थना करने, सकारात्मक सोच रखने और पूरे ध्यान के साथ अभ्यास शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

योग से पहले रखें इन बातों का ध्यान

योगाभ्यास शुरू करने से पहले कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जा सकता है।

  • सबसे पहले शांत वातावरण में कुछ पल बैठें।

  • प्रार्थना या सकारात्मक संकल्प के साथ अभ्यास की शुरुआत करें।

  • कुछ गहरी और सहज सांसें लें।

  • अपना ध्यान वर्तमान क्षण पर केंद्रित करें।

  • योग को जल्दबाजी में करने से बचें।

  • अपनी क्षमता के अनुसार ही आसन करें।

  • पूरे अभ्यास के दौरान शरीर और सांसों पर ध्यान बनाए रखें।

प्रार्थना के बाद धीरे-धीरे शुरू करें योग

आयुष मंत्रालय के संदेश का मुख्य उद्देश्य यही है कि योग को केवल एक शारीरिक कसरत के रूप में न देखा जाए। अभ्यास से पहले कुछ क्षण रुकना, मन को शांत करना और सकारात्मक भाव के साथ शुरुआत करना योग को अधिक ध्यानपूर्ण बना सकता है।इसलिए अगली बार जब आप योग करने जाएं तो सीधे आसनों पर जाने के बजाय कुछ पल प्रार्थना और गहरी सांसों के लिए जरूर निकालें। इसके बाद शांत मन और सकारात्मक सोच के साथ योगाभ्यास शुरू करें। यह छोटा सा बदलाव आपकी योग दिनचर्या को ज्यादा अनुशासित और मानसिक रूप से केंद्रित बनाने में मदद कर सकता है।

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