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चींटी काटने से त्वचा पर पड़ गए हैं चकत्ते? इंफेक्शन का खतरा खत्म कर देंगे ये 3 देसी नुस्खे

चींटी काटने से त्वचा पर पड़ गए हैं चकत्ते? इंफेक्शन का खतरा खत्म कर देंगे ये 3 देसी नुस्खे

बरसात के मौसम में घर के अंदर कई तरह के कीड़े-मकौड़े और चींटियां नजर आने लगती हैं। इनमें लाल चींटी के काटने पर प्रभावित जगह पर जलन, खुजली, लालपन और सूजन जैसी समस्या हो सकती है। कुछ लोगों में एलर्जी की प्रतिक्रिया भी हो सकती है।

ऐसे में अगर लाल चींटी काट ले तो घबराने के बजाय सबसे पहले प्रभावित हिस्से की सही तरीके से देखभाल करना जरूरी है। आइए जानते हैं चींटी के काटने के बाद क्या किया जा सकता है।

सबसे पहले प्रभावित जगह को साफ करें

लाल चींटी के काटने के बाद सबसे पहले प्रभावित हिस्से को साफ पानी और साबुन से अच्छी तरह धो लें। इससे त्वचा पर मौजूद गंदगी को हटाने में मदद मिल सकती है।

हाथ से रगड़ने या प्रभावित हिस्से को जोर से खुजलाने से बचें। साफ करने के बाद किसी साफ तौलिए से हल्के हाथों से जगह को सुखा लें।

बर्फ से करें ठंडी सिकाई

अगर काटने वाली जगह पर दर्द, जलन या सूजन हो रही है, तो ठंडी सिकाई राहत दे सकती है।

बर्फ को सीधे त्वचा पर न लगाएं। इसे किसी साफ कपड़े में लपेटकर प्रभावित हिस्से पर करीब 10 से 15 मिनट तक रखें। जरूरत पड़ने पर कुछ देर के अंतराल के बाद दोबारा ठंडी सिकाई की जा सकती है।

एलोवेरा जेल से मिल सकती है ठंडक

काटने वाली जगह पर ताजा एलोवेरा जेल लगाने से त्वचा को ठंडक मिल सकती है और जलन या असहजता में राहत महसूस हो सकती है।

हालांकि, अगर एलोवेरा लगाने के बाद जलन, लालपन या खुजली बढ़ने लगे तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें।

खुजली होने पर कैलामाइन लोशन

चींटी के काटने के बाद खुजली होना आम समस्या हो सकती है। ऐसे में प्रभावित जगह को बार-बार खुजलाने से बचें, क्योंकि त्वचा पर खरोंच आने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

खुजली और त्वचा की जलन में राहत के लिए कैलामाइन लोशन का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे लगाने से पहले पैक पर दिए निर्देशों को जरूर पढ़ें।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर काटने के बाद सूजन तेजी से बढ़ रही हो, सांस लेने में परेशानी हो, चेहरे या होंठों पर सूजन आए, पूरे शरीर पर पित्ती या तेज एलर्जी के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लें।

सामान्य तौर पर लाल चींटी के काटने पर प्रभावित जगह को साफ रखना, ठंडी सिकाई करना और उसे खुजलाने से बचना सबसे जरूरी है।

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