कैंसर से जंग में बड़ी सफलता: पैनक्रिएटिक कैंसर के इलाज के लिए नई दवा की एंट्री
पैनक्रिएटिक यानी अग्नाशय का कैंसर दुनिया के सबसे खतरनाक कैंसर में शामिल है। इसकी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कई मरीजों में बीमारी का पता काफी देर से चलता है और एडवांस स्टेज में इलाज के विकल्प भी सीमित हो जाते हैं। ऐसे मरीजों के लिए अमेरिका से बड़ी राहत की खबर सामने आई है।
अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA ने 26 अगस्त 2026 को daraxonrasib को मंजूरी दे दी है। इसे अमेरिकी कंपनी Revolution Medicines RASONQUE ब्रांड नाम से बेच रही है। यह पैनक्रिएटिक कैंसर के लिए पहली ऐसी मंजूर targeted therapy है, जो RAS प्रोटीन को सीधे निशाना बनाती है।
कौन सी दवा मिली है मंजूरी?
नई दवा का नाम daraxonrasib है और इसे RASONQUE ब्रांड के तहत रोजाना एक बार गोली के रूप में लिया जाता है। FDA ने इसे उन वयस्क मरीजों के लिए मंजूर किया है जिनका पैनक्रिएटिक कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल चुका है और जिन्हें कम से कम एक पहले का systemic treatment मिल चुका है, या जो multi-drug systemic therapy के लिए उपयुक्त नहीं हैं।
FDA ने इस दवा को तय समय से करीब 6.5 महीने पहले मंजूरी दी। इसे Breakthrough Therapy और Orphan Drug जैसे विशेष दर्जे भी पहले मिल चुके थे।
कैसे काम करती है RASONQUE?
पैनक्रिएटिक कैंसर के ज्यादातर मामलों में RAS नाम का प्रोटीन कैंसर कोशिकाओं की ग्रोथ को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। पैनक्रिएटिक एडेनोकार्सिनोमा के 90 प्रतिशत से ज्यादा ट्यूमर में RAS से जुड़े म्यूटेशन पाए जाते हैं।
Daraxonrasib इसी RAS सिग्नलिंग को रोकने के लिए डिजाइन की गई है। खास बात यह है कि RAS को लंबे समय तक कैंसर के इलाज के लिए लगभग 'undruggable' टारगेट माना जाता रहा था। नई दवा इस चुनौती को पार करने वाली पहली व्यापक RAS-targeted therapy के रूप में सामने आई है।
कितना असरदार साबित हुई?
इस दवा की प्रभावशीलता का परीक्षण Phase 3 RASolute 302 ट्रायल में करीब 500 मरीजों पर किया गया। इनमें metastatic pancreatic cancer वाले ऐसे मरीज शामिल थे जिनकी बीमारी पहले के इलाज के बाद बढ़ रही थी।
नतीजों में daraxonrasib लेने वाले मरीजों की median overall survival 13.2 महीने रही, जबकि standard chemotherapy लेने वाले मरीजों में यह आंकड़ा 6.7 महीने था। यानी सर्वाइवल लगभग दोगुनी रही। इसके अलावा दवा लेने वाले समूह में बीमारी के बढ़ने में भी ज्यादा समय लगा।
FDA के अनुसार, इस दवा से मौत के जोखिम में करीब 60 प्रतिशत की कमी देखी गई। हालांकि, यह कैंसर का इलाज या गारंटीड इलाज नहीं है, बल्कि एडवांस बीमारी के मरीजों के लिए एक नया targeted treatment option है।
दवा के साइड इफेक्ट भी सामने आए
नई दवा के कुछ साइड इफेक्ट भी देखे गए हैं। इनमें त्वचा पर रैश, डायरिया, मुंह में सूजन या जलन, मतली, थकान, उल्टी और पेट दर्द शामिल हैं। FDA ने कुछ गंभीर संभावित जोखिमों के लिए भी चेतावनी और सावधानियां जारी की हैं।
कितनी है दवा की कीमत?
रिपोर्टों के मुताबिक RASONQUE की कीमत करीब 39,800 डॉलर प्रति महीने बताई जा रही है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 33 लाख रुपये प्रति माह के आसपास बैठती है। यह कीमत अमेरिकी बाजार के संदर्भ में है और वास्तविक मरीज की लागत बीमा तथा अन्य सहायता कार्यक्रमों के आधार पर अलग हो सकती है।
कैंसर के इलाज में क्यों महत्वपूर्ण है यह मंजूरी?
इस दवा की मंजूरी को पैनक्रिएटिक कैंसर के इलाज में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि RAS को लंबे समय से कैंसर के इलाज के लिए बेहद मुश्किल टारगेट माना जाता था।
वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि RAS को निशाना बनाने वाली इस तकनीक का इस्तेमाल आगे चलकर फेफड़ों और दूसरे RAS-driven कैंसर में भी किया जा सकता है। Revolution Medicines इस तकनीक पर अन्य कैंसर के लिए भी रिसर्च कर रही है।
यानी यह दवा पैनक्रिएटिक कैंसर को पूरी तरह खत्म करने वाली 'चमत्कारी दवा' नहीं है, लेकिन एडवांस बीमारी के मरीजों में सर्वाइवल बढ़ाने के लिहाज से इसे एक महत्वपूर्ण मेडिकल उपलब्धि माना जा रहा है।

