Samachar Nama
×

गोवा मेडिकल कॉलेज में बढ़ेंगी एमबीबीएस की 50 सीटें, 2026-27 सत्र से कुल संख्या 250 होगी: सीएम प्रमोद सावंत

पणजी, 13 जुलाई (आईएएनएस)। गोवा सरकार ने मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फैसला लिया है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने गोवा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 50 नई सीटों को मंजूरी दे दी है। इसके बाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की कुल संख्या 200 से बढ़कर 250 हो जाएगी।

पणजी, 13 जुलाई (आईएएनएस)। गोवा सरकार ने मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फैसला लिया है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने गोवा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 50 नई सीटों को मंजूरी दे दी है। इसके बाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की कुल संख्या 200 से बढ़कर 250 हो जाएगी।

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के माध्यम से इस फैसले की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यह विस्तार राज्य में मेडिकल शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों, विशेषकर गोवा के युवाओं को अधिक अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवा मेडिकल कॉलेज में सीटों की संख्या बढ़ने से राज्य का मेडिकल एजुकेशन इकोसिस्टम और मजबूत होगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने इस फैसले के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन का आभार व्यक्त किया और कहा कि एनएमसी के सहयोग से गोवा में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूती मिल रही है।

सरकार के अनुसार, एमबीबीएस सीटों में वृद्धि से राज्य के छात्रों को मेडिकल शिक्षा के लिए अधिक अवसर उपलब्ध होंगे और भविष्य में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने में सहायता मिलेगी। इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि सरकार गोवा में उच्च गुणवत्ता वाली मेडिकल शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मेडिकल क्षेत्र में संस्थानों की क्षमता बढ़ाना और युवाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

नेशनल मेडिकल कमीशन द्वारा दी गई यह मंजूरी गोवा मेडिकल कॉलेज के विस्तार और राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। नई सीटों के जुड़ने से आने वाले वर्षों में अधिक संख्या में छात्र डॉक्टर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे और राज्य को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अधिक प्रशिक्षित विशेषज्ञ मिल सकेंगे।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

Share this story

Tags