नवजात बेबी बॉय के प्राइवेट पार्ट की जबरन सफाई खतरनाक, पीडियाट्रिशियन ने दी अहम चेतावनी
नवजात शिशुओं की देखभाल में थोड़ी सी भी लापरवाही उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। खासतौर पर बेबी बॉय की मालिश या नहलाते समय की जाने वाली कुछ पारंपरिक आदतें नुकसानदेह साबित हो सकती हैं। आमतौर पर देखा जाता है कि कुछ लोग नवजात लड़के के प्राइवेट पार्ट में तेल डालकर उसे खोलने की कोशिश करते हैं या नहलाते समय उसकी स्किन को पीछे करने का प्रयास करते हैं। पीडियाट्रिशियन डॉ. मोहित सेठी ने इस आदत को पूरी तरह गलत और खतरनाक बताया है।
डॉ. मोहित सेठी के अनुसार, यह समस्या खासतौर पर तब सामने आती है जब पेरेंट्स के साथ दादी-नानी या परिवार के अन्य बुजुर्ग शिशु की देखभाल करते हैं। वे पुराने अनुभवों और परंपराओं के आधार पर ऐसा करना सही मानते हैं, लेकिन मेडिकल साइंस इसके बिल्कुल विपरीत सलाह देती है।
डॉक्टर बताते हैं कि नवजात बेबी बॉय के प्राइवेट पार्ट की स्किन (फोरस्किन) जन्म के समय पूरी तरह से पीछे नहीं जाती और यह एक सामान्य व प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसे जबरन खोलने की कोशिश करने से बच्चे की नाजुक त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। इससे दर्द, सूजन, संक्रमण और यहां तक कि खून आने जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं।
डॉ. सेठी का कहना है कि कई मामलों में जबरन स्किन पीछे करने से माइक्रो टियर्स यानी छोटे घाव बन जाते हैं, जिनमें बैक्टीरिया आसानी से प्रवेश कर सकते हैं। इससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है और बच्चे को पेशाब करने में भी परेशानी हो सकती है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी हाल में बच्चे के प्राइवेट पार्ट की स्किन को जबरदस्ती न खोलें। यह प्रक्रिया समय के साथ अपने आप होती है और आमतौर पर 3 से 5 साल की उम्र तक धीरे-धीरे स्किन पीछे जाने लगती है। कुछ बच्चों में यह और भी देर से हो सकता है, जो पूरी तरह सामान्य है।
डॉक्टर सलाह देते हैं कि नवजात शिशु की सफाई बेहद साधारण तरीके से की जानी चाहिए। नहलाते समय केवल बाहर से हल्के हाथों से पानी से साफ करें। साबुन या तेल को प्राइवेट पार्ट के अंदर डालने से बचें। अगर डायपर पहनाते समय किसी तरह की लालिमा, सूजन या असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

