"आंखें भी हो सकती हैं खराब!" H1N1 वायरस का आंखों पर बड़ा हमला, जानिए कब है तुरंत इलाज की जरूरत
राजधानी दिल्ली-NCR समेत देश के कई हिस्सों में इन दिनों H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इन्फ्लुएंजा-ए वायरस से होने वाला यह संक्रमण आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सर्दी-जुकाम, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण पैदा करता है। पिछले कुछ दिनों में दिल्ली के अस्पतालों में तेज बुखार, सर्दी-जुकाम और सांस लेने में परेशानी की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है।
दिल्ली सरकार के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में राजधानी में H1N1 के 138 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही इस साल H1N1 के कुल मामलों की संख्या 2,446 और इन्फ्लूएंजा-ए के कुल मामले 3,177 हो गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने मौसमी इन्फ्लूएंजा, H1N1 और अन्य सांस से जुड़ी बीमारियों से निपटने की तैयारियों को लेकर सरकारी अस्पतालों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। अस्पतालों को इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करने, पर्याप्त आइसोलेशन बेड, डॉक्टर, जांच की सुविधा और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में कम से कम पांच आइसोलेशन बेड तैयार रखने को कहा गया है, जबकि बड़े अस्पतालों को 10 या उससे ज्यादा बेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं है H1N1 का असर
स्वाइन फ्लू को आमतौर पर सांस से जुड़ी बीमारी माना जाता है, लेकिन गंभीर मामलों में इसका असर शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी पड़ सकता है। कुछ मरीजों में दिल और फेफड़ों से जुड़ी जटिलताएं सामने आ सकती हैं। इसके अलावा कुछ मामलों में आंखों से संबंधित परेशानियां भी देखने को मिल सकती हैं।
H1N1 संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने के दौरान निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है। संक्रमण के दौरान बुखार, खांसी, गले में दर्द, शरीर में दर्द, थकान और सांस से जुड़ी समस्याएं आम लक्षण हैं।
आंखों में हो सकती हैं ये परेशानियां
फ्लू के दौरान कुछ लोगों को आंखों से पानी आना, लालिमा, जलन, चुभन, ड्राइनेस या तेज रोशनी से परेशानी जैसी दिक्कत हो सकती है। ज्यादातर मामलों में फ्लू ठीक होने के साथ आंखों से जुड़ी ये परेशानियां भी कम हो जाती हैं।
हालांकि, अगर आंखों के लक्षण ज्यादा गंभीर हों या नजर में अचानक बदलाव महसूस हो, तो इसे सामान्य लक्षण समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
विशेषज्ञों के मुताबिक ज्यादातर मामले हल्के
इंटेंसिव केयर विशेषज्ञ डॉ. विक्रमजीत सिंह के मुताबिक, ज्यादातर मामलों में H1N1 से होने वाली परेशानियां हल्के स्तर की होती हैं। आंखों से जुड़ी समस्या भी कई बार सामान्य वायरल कंजंक्टिवाइटिस यानी आंख आने तक सीमित रहती है और उचित देखभाल के साथ ठीक हो जाती है।
हालांकि, बहुत दुर्लभ मामलों में आंख के अंदर सूजन यानी यूवाइटिस, रेटिना में सूजन या ऑप्टिक नर्व पर असर जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसी स्थितियों में नजर प्रभावित होने का खतरा रहता है।
इन आंखों के लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज
अगर फ्लू के दौरान इनमें से कोई समस्या महसूस हो तो आंखों की जांच कराना जरूरी हो सकता है:
- लगातार धुंधला दिखाई देना
- डबल विजन की समस्या होना
- आंखों में तेज दर्द होना
- तेज रोशनी से बहुत ज्यादा परेशानी होना
- अचानक नजर कमजोर होना
- आंखों के सामने चमकती रोशनी दिखाई देना
- अचानक फ्लोटर्स यानी तैरते हुए धब्बे या काले बिंदु बढ़ जाना
- पास की चीजों को देखने में परेशानी होना
ध्यान रखें: H1N1 के ज्यादातर मामलों में आंखों से जुड़ी गंभीर जटिलताएं आम नहीं हैं। लेकिन नजर में अचानक बदलाव, तेज दर्द या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

