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क्या आप भी कान साफ करने के लिए इस्तेमाल करते हैं ईयरबड्स? जानिए इससे होने वाले नुकसान और सही यूनानी उपाय

क्या आप भी कान साफ करने के लिए इस्तेमाल करते हैं ईयरबड्स? जानिए इससे होने वाले नुकसान और सही यूनानी उपाय

कान में हल्की खुजली या सुरसुराहट होते ही कई लोग उसे साफ करने के लिए माचिस की तीली, चाबी, सेफ्टी पिन या कॉटन बड का इस्तेमाल करने लगते हैं। कुछ देर के लिए इससे राहत महसूस हो सकती है, लेकिन यह आदत कान के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। जरा-सी लापरवाही से कान की नाजुक त्वचा पर चोट लग सकती है और गंभीर स्थिति में पर्दे को भी नुकसान पहुंच सकता है।

अगर आपको कान बंद होने, भारीपन या कम सुनाई देने जैसी परेशानी हो रही है, तो जरूरी नहीं कि इसकी वजह सिर्फ मैल हो। ऐसे में कान में किसी नुकीली चीज को डालने के बजाय समस्या की सही वजह समझना जरूरी है।

आखिर कान में मैल क्यों बनता है?

कान में बनने वाला मैल, जिसे ईयरवैक्स (Earwax) कहा जाता है, शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है। इसे गंदगी समझकर बार-बार निकालना जरूरी नहीं होता।

  • धूल और गंदगी से सुरक्षा: ईयरवैक्स कान की नली में धूल और दूसरे छोटे कणों को अंदर जाने से रोकने में मदद करता है।

  • त्वचा को नमी देना: यह कान की नली की त्वचा को सूखने से बचाने में मदद करता है।

  • प्राकृतिक सफाई: जबड़े की सामान्य गतिविधियों, जैसे बोलने और खाना चबाने से मैल धीरे-धीरे कान के बाहरी हिस्से की ओर बढ़ता है।

परेशानी तब हो सकती है, जब मैल जरूरत से ज्यादा जमा होकर कान की नली को बंद कर दे। कॉटन बड या किसी दूसरी चीज से कान कुरेदने पर मैल और अंदर धकेला जा सकता है।

कैसे पहचानें कि कान में मैल जमा हो गया है?

कान में खुजली होने का मतलब हमेशा मैल जमा होना नहीं है। इसके पीछे त्वचा का सूखापन, संक्रमण या दूसरी समस्याएं भी हो सकती हैं।

कान में मैल जमा होने पर ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

  • कान बंद या भारी महसूस होना।

  • आवाज पहले की तुलना में धीमी सुनाई देना।

  • कान में खुजली या असहजता होना।

  • कान में दर्द या दबाव महसूस होना।

  • कभी-कभी कान में आवाज गूंजने या सीटी बजने जैसा अनुभव होना।

अगर आपको लगातार कम सुनाई दे रहा है, तो खुद से मैल निकालने की कोशिश करने के बजाय डॉक्टर से जांच कराएं।

घर पर कान का मैल निकालने के लिए क्या करें?

कान की सफाई के लिए इंटरनेट पर सरसों का तेल, नारियल का तेल और नमक वाले पानी जैसे कई घरेलू नुस्खे बताए जाते हैं। लेकिन हर नुस्खा सुरक्षित या प्रभावी नहीं होता। कान के अंदर तेल, नमक वाला पानी या कोई दूसरा तरल डालना बिना सावधानी के नुकसान पहुंचा सकता है।

1. कान के बाहरी हिस्से को साफ करें

नहाने के बाद मुलायम तौलिये से कान के बाहरी हिस्से को धीरे-धीरे पोंछ लें। तौलिये, उंगली या कॉटन बड को कान की नली के अंदर न डालें। सामान्य तौर पर कान की अंदरूनी सफाई शरीर खुद कर लेता है।

2. ईयरवैक्स सॉफ्टनर का इस्तेमाल सावधानी से करें

अगर मैल जमा होने की पुष्टि हुई है, तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह से ईयरवैक्स सॉफ्टनिंग ड्रॉप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन अगर कान के पर्दे में छेद है, पहले कान की सर्जरी हुई है, कान से पानी या मवाद निकलता है अथवा संक्रमण का संदेह है, तो बिना डॉक्टर की सलाह कोई ड्रॉप न डालें।

3. मैल ज्यादा जमा हो तो ENT डॉक्टर से मिलें

अगर कान बंद हो गया है या सुनने में परेशानी हो रही है, तो ENT विशेषज्ञ कान की जांच करके जरूरत के अनुसार मैल निकाल सकते हैं। इसके लिए विशेष उपकरण, सक्शन या उपयुक्त परिस्थितियों में कान की सिंचाई का इस्तेमाल किया जा सकता है।

कॉटन बड से कान साफ करना क्यों खतरनाक हो सकता है?

कॉटन बड का इस्तेमाल कान के अंदर करने से मैल बाहर निकलने के बजाय और अंदर जा सकता है। इससे कान की नली में खरोंच, जलन या संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। बहुत अंदर तक कॉटन बड डालने से कान के पर्दे को चोट भी लग सकती है।

इसलिए कॉटन बड का इस्तेमाल केवल कान के बाहरी हिस्से की सफाई के लिए करें, न कि अंदर जमा मैल निकालने के लिए।

कान साफ करते समय इन गलतियों से बचें

  • माचिस की तीली, चाबी या सेफ्टी पिन न डालें: इनसे चोट लग सकती है और कान का पर्दा क्षतिग्रस्त हो सकता है।

  • गर्म तेल न डालें: इससे कान की नली की त्वचा जल सकती है।

  • नमक वाला पानी कान में न डालें: घरेलू तरीके से कान की सिंचाई करने से जलन, संक्रमण या पर्दे को नुकसान पहुंचने का खतरा हो सकता है।

  • कान में जोर से फूंक न मारें: इससे समस्या दूर होने की गारंटी नहीं है और नुकसान हो सकता है।

  • बार-बार कान न कुरेदें: इससे त्वचा में जलन और खुजली बढ़ सकती है।

कान में दर्द या कम सुनाई देने पर कब डॉक्टर को दिखाएं?

अगर कान में तेज दर्द हो, कान से खून या मवाद निकले, चक्कर आए या सुनने की क्षमता अचानक कम हो जाए, तो जल्द से जल्द चिकित्सकीय सहायता लें। अचानक सुनाई देना कम होने पर इसे केवल मैल समझकर नजरअंदाज न करें, क्योंकि यह तुरंत इलाज की जरूरत वाली समस्या भी हो सकती है।

कान की सफाई का सबसे आसान नियम

कान को रोज अंदर से साफ करने की जरूरत नहीं होती। सामान्य सफाई के लिए उसके बाहरी हिस्से को मुलायम कपड़े से पोंछना पर्याप्त है। अगर मैल जमा होने से सुनने में परेशानी हो रही है, तो सुरक्षित तरीके से उसे निकलवाने के लिए ENT विशेषज्ञ की सलाह लें।

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