क्या है कुष्ठ रोग की बीमारी ,शरीर में किस अंग को करती है प्रभावित
जयपुर । आज कल कब किसको कौनसी बीमारी हो जाये यह यह कह पाना मुश्किल है । वैसे तो हम सभी हाइजीन का खानपान में भी ज़्यादातर चीजों का ध्यान रखते हैं पर कुछ इसी बीमारियाँ है जिनके बारे में कुछ भी कहा जाना मुश्किल है जो की संक्रामण के कारण फैलती है । आज हम बात कर रहे हैं ऐसे ही संक्रामण के कारण फैलने वाली एक बीमारी कुष्ठ रोग की ।
आज हम आपको बताने जा रहे हैं की आखिर यह कुष्ठ रोग होता क्या है । और इससे जुड़े कुछ ऐसे तथ्य जिनकी जानकारी या तो लोगों कपो है नहीं या फिर गलत जानकारी है । कई लोगों ने इस बीमारी के बारे में सिर्फ सुन रखा है । लोगों को यह तक नही पता आखिर यह बीमारी है क्या होती क्या है , होती कैसे है ? आइये जानते हैं इस बारे में।
कुष्ठरोग (Leprosy) माइकोबैक्टेरियम लेप्री (और माइकोबैक्टेरियम लेप्रोमेटॉसिस जीवाणुओं के कारण होने वाली एक दीर्घकालिक बीमारी है। यह मुख्य रूप से मानव त्वचा , ऊपरी श्वसन पथ की श्लेष्मिका , परिधीय तंत्रिकाओं , आंखों और शरीर के कुछ अन्य क्षेत्रों को प्रभावित करती है। यदि कुष्ठरोग का उचित समय पर उपचार न किया जाये तो यह रोग बढ़ सकता है, जिससे त्वचा, नसों, हाथ-पैरों और आंखों में स्थायी क्षति हो सकती है।
(Nerve leprosy)-इसमें शरीर के प्रभावित अंगो की संवेदनशीलता समाप्त हो जाती है। उस स्थान पर सुई चुभने पर भी मनुष्य किसी प्रकार का कोई दर्द महसूस नहीं करता।स्किन गलने लगती है । कई लोग इसको कोढ़ के नाम से भी जानते हैं ।
ग्रंथि कुष्ठ -इसमें शरीर के किसी भी भाग में त्वचा से भिन्न रंग के धब्बे या चकत्ते पड़ जाते हैं अथवा शरीर में गांठें निकल आती है।
मिश्रित कुष्ठ- इसमें शरीर के प्रभावित अंगों की संवेदनशीलता समाप्त होने के साथ-साथ त्वचा में चकत्ते भी पड़ते हैं और गांठें भी निकलती हैं।
कुष्ठरोग रोग न तो वंशानुगत होता है न हीं यौन-संपर्क के द्वारा फैलता है। वयस्कों की अपेक्षा बच्चों में इस रोग के होने का खतरा अधिक होता है। अतः: जो बच्चे कुष्ठ रोगियों के संपर्क में रहते हैं, उनको इस रोग से बचाव के लिए अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है।
केवल ऐसे संक्रमित कुष्ठ रोगी जिनका बहुत दिनों से उपचार न हुआ हो के संपर्क में आने से कुष्ठ फैल सकता है। इससे पीड़ित लोग भी उपचार के मात्र 2 सप्ताह बाद ही संक्रामक नहीं रह जाते।यदि कुष्ठ रोग अति संक्रामक स्थिति में है, कुष्ठ रोग की दवाओं का सेवन करके रोग से मुक्त हो सकता है ।
क्या हैं इस बीमारी को लेकर कुछ ऐसे तथ्य जो गलत हैं ?
- यह बीमारी वंशानुगत कारणों , अनैतिक आचराओन और उसके साथ ही गलती खानपान और अशुद्ध रक्त के कार्न होती है ।
- इसके साथ ही यह बीमारी बहुत ज्यादा संकर्मण शील है एक मात्र स्पर्श मात्र से ही यह बीमारी फैल सकती है ।

- लोग मानते हैं कि कुष्ठ रोग केवल कुछ ही परिवारों में फैलता है। कुष्ठ रोग प्राय: कुरूपता के साथ जुड़ा हुआ होता है। कुरूपता आने के बाद ही कुष्ठ रोग का निदान किया जा सकता है।
- कुष्ठ रोग लाइलाज है।
- जिन परिवारों में कुष्ठ रोगी हैं, उस परिवार के बच्चों को कुष्ठ रोग होगा ही।

