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ध्यान के लिए सबसे उत्तम है पद्मासन, जानिए इसके चमत्कारी फायदे और करने का सही तरीका

नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और मानसिक अशांति आम समस्या बन गई है। ऐसे में योग शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मन को शांत करने में भी मदद करता है। पद्मासन योग का एक प्रमुख आसन माना जाता है, जिसे ध्यान और मानसिक एकाग्रता के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है। इस आसन में बैठने से शरीर स्थिर रहता है और मन को शांत करने में मदद मिलती है।

नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और मानसिक अशांति आम समस्या बन गई है। ऐसे में योग शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मन को शांत करने में भी मदद करता है। पद्मासन योग का एक प्रमुख आसन माना जाता है, जिसे ध्यान और मानसिक एकाग्रता के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है। इस आसन में बैठने से शरीर स्थिर रहता है और मन को शांत करने में मदद मिलती है।

इस आसन का नाम संस्कृत के दो शब्दों 'पद्म' यानी कमल और 'आसन' यानी बैठने की मुद्रा से मिलकर बना है। इस आसन में बैठने पर व्यक्ति की मुद्रा खिले हुए कमल के फूल जैसी प्रतीत होती है, इसलिए इसे पद्मासन कहा जाता है। ध्यान और प्राणायम के लिए इस आसन को बेहद आसान माना जाता है।

प्राचीन काल से ही ऋषि-मुनि मन की एकाग्रता, शांति और आत्मिक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए इसी आसन में बैठकर साधना करते थे। आज के तनावपूर्ण जीवन में भी यदि आप मानसिक शांति और शारीरिक स्थिरता चाहते हैं, तो पद्मासन का अभ्यास आपके लिए बेहद लाभकारी हो सकता है।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, पद्मासन एक अत्यंत स्थिर, सुखदायक और आधारभूत ध्यानात्मक मुद्रा है। यह आसन मन को शांत करने, एकाग्रता बढ़ाने और आंतरिक ऊर्जा को जागृत करने में विशेष रूप से प्रभावी माना गया है।

यह आसन पेट के अंगों को उत्तेजित करता है, जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती हैं। यह आसन रीढ़ को सीधा रखता है, जिससे पीठ दर्द और गलत मुद्रा में बैठकर काम करने से होने वाली कई समस्याओं में सुधार होता है।

साथ ही यह कूल्हों, घुटनों और टखनों को लचीला बनाता है, जिससे गठिया की वजह से होने वाले दर्द में राहत मिलती है। यही नहीं, यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है, जिससे थकान कम होती है और शरीर की एनर्जी बढ़ती है।

यदि शुरुआत में इस आसन को करने के दौरान दोनों पैरों को जांघों पर रखना कठिन हो, तो जबरदस्ती न करें। इसकी जगह आप अर्ध-पद्मासन का अभ्यास कर सकते हैं, जिसमें केवल एक पैर को जांघ पर रखा जाता है। साथ ही, जिन्हें घुटनों में तेज दर्द, टखने की गंभीर चोट या साइटिका की गंभीर समस्या हो, उन्हें इस आसन को करने से बचना चाहिए।

--आईएएनएस

एनएस/पीएम

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