बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेगी कफ सिरप, दिल्ली के केमिस्टों ने सरकार के फैसले का किया स्वागत
नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की है कि कफ सिरप समेत सभी सिरप के लिए अब डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन जरूरी होगा। वहीं, सरकार के इस फैसले का ईस्ट दिल्ली के केमिस्ट ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे युवाओं द्वारा दवाओं के गलत इस्तेमाल पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। हालांकि कम आय वाले मरीजों के लिए कंसल्टेशन के खर्च को लेकर चिंता बनी हुई है।
दिल्ली के लक्ष्मी नगर स्थित केमिस्ट कारोबारियों ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान सरकार के फैसले का स्वागत किया।
केमिस्ट अमृतनाथ शुक्ला ने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। लेकिन मेरा सरकार से अनुरोध है कि सभी वर्ग के लोगों के बारे में सोचना होगा। अगर कोई गरीब आता है और कहता है कि खांसी की दवा दो, तो ऐसे में क्या करना चाहिए। उस गरीब के पास डॉक्टर के पास जा कर 500 रुपए फीस देने के पैसे नहीं हैं। वह 500 रुपए की व्यवस्था कर लेगा तो फीस के बाद दवाओं के लिए अलग से 500 कहां से लेकर आएगा। इस पर सरकार को विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारे पास करीब 80 प्रतिशत ऐसे लोग आते हैं जिनके पास डॉक्टर की पर्ची नहीं होती है। अगर गरीबों को 100 रुपए की दवा से आराम हो जाता है तो वह डॉक्टर को 500 रुपए क्यों देंगे। हमारी तरफ से बैन दवाएं नहीं दी जाती हैं, लेकिन कुछ हल्की दवाओं को देना का अधिकार देना चाहिए।
केमिस्ट विष्णु गुहा ने कहा कि सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन अब आया है, लेकिन हम जब कोई भी कफ सिरप देते हैं तो उसके लिए प्रिस्क्रिप्शन जरूरी है। किस मरीज को कैसी और कौन सी सिरप चाहिए,कई बार दवाएं रिएक्शन कर जाती हैं। अगर कोई गरीब है और डॉक्टर की फीस देने में सक्षम नहीं है तो उसे डिस्पेंशरी में दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार लोग कफ सिरप का दुरुपयोग करते हैं। लोग नशे के रूप में कई सिरप पी लेते है। प्रिस्क्रिप्शन हमारे और मरीजों दोनों के लिए अच्छा रहेगा। हम सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हैं।
--आईएएनएस
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