Coffee and Dementia: रोजाना कॉफी पीने वालों के लिए अच्छी खबर, नई रिसर्च में हुआ बड़ा दावा
कॉफी दुनिया भर में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले पेय पदार्थों में शामिल है। कई लोग दिन की शुरुआत कॉफी के बिना सोच भी नहीं सकते। अब कॉफी पीने वालों के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है। एक नई रिसर्च के मुताबिक, रोजाना कॉफी पीने से डिमेंशिया का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि सीमित मात्रा में नियमित कॉफी का सेवन दिमाग की कार्यक्षमता को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। खासतौर पर बढ़ती उम्र में याददाश्त से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को कम करने में इसके सकारात्मक प्रभाव देखने को मिले हैं।
क्या है डिमेंशिया?
Dementia एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति की याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। यह समस्या आमतौर पर बुजुर्गों में ज्यादा देखने को मिलती है।
विशेषज्ञों के अनुसार डिमेंशिया का सबसे आम रूप अल्जाइमर रोग माना जाता है, जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को प्रभावित करता है।
रिसर्च में क्या सामने आया?
नई रिसर्च के अनुसार जो लोग रोजाना सीमित मात्रा में कॉफी पीते हैं, उनमें डिमेंशिया का खतरा कम पाया गया। वैज्ञानिकों का मानना है कि कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और बायोएक्टिव कंपाउंड्स मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों से बचाने में मदद कर सकते हैं।
इसके अलावा कॉफी दिमाग में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करने और न्यूरोलॉजिकल गतिविधियों को सक्रिय रखने में भी सहायक हो सकती है।
कितनी कॉफी पीना फायदेमंद?
विशेषज्ञों के मुताबिक दिन में 1 से 3 कप कॉफी का सेवन सामान्य तौर पर सुरक्षित माना जाता है। हालांकि जरूरत से ज्यादा कैफीन लेने से नींद की समस्या, घबराहट और ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
इसलिए किसी भी चीज का सेवन संतुलित मात्रा में करना जरूरी है।
लाइफस्टाइल भी है अहम
डॉक्टर्स का कहना है कि केवल कॉफी पीना ही डिमेंशिया से बचाव का उपाय नहीं है। इसके साथ स्वस्थ जीवनशैली, नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद भी बेहद जरूरी है।
मानसिक रूप से सक्रिय रहना, पढ़ना, नई चीजें सीखना और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेना भी दिमाग को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।
विशेषज्ञों ने दी सावधानी की सलाह
हालांकि शोधकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया है कि कॉफी को किसी दवा की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। अलग-अलग लोगों पर इसका असर अलग हो सकता है। जिन लोगों को हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही कैफीन का सेवन करना चाहिए।

