Samachar Nama
×

चांडीपुरा वायरस को लेकर सरकार अलर्ट, अस्पतालों को तत्काल जांच और उपचार के निर्देश : प्रफुल्ल पानशेरिया

सूरत, 11 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात में चांडीपुरा वायरस के मामलों को लेकर राज्य सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। राज्य के मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने शनिवार को आईएएनएस से बातचीत में बताया कि अब तक बच्चों में 17 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई थी, जिनकी जांच कराई गई। इनमें 10 बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आई, जबकि छह बच्चों में चांडीपुरा वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। सभी संक्रमित बच्चों का इलाज जारी है।

सूरत, 11 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात में चांडीपुरा वायरस के मामलों को लेकर राज्य सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। राज्य के मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने शनिवार को आईएएनएस से बातचीत में बताया कि अब तक बच्चों में 17 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई थी, जिनकी जांच कराई गई। इनमें 10 बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आई, जबकि छह बच्चों में चांडीपुरा वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। सभी संक्रमित बच्चों का इलाज जारी है।

मंत्री ने बताया, "पिछले 10 दिनों के दौरान चांडीपुरा वायरस से जुड़े मामलों में तीन बच्चों की मौत हुई है। वहीं, एक अन्य बच्चा वडनगर के अस्पताल में भर्ती है और उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग सभी मरीजों पर लगातार नजर बनाए हुए है और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।"

प्रफुल्ल पानशेरिया ने कहा, "राज्य सरकार इस बीमारी को गंभीरता से ले रही है। वर्ष 2024 में भी गुजरात के 61 गांवों में चांडीपुरा वायरस का प्रकोप देखा गया था। उस समय भी स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में व्यापक सर्वेक्षण कराया था, दवा का छिड़काव किया और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए थे।"

उन्होंने बताया, "इस बार भी स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी बच्चे में चांडीपुरा वायरस से मिलते-जुलते लक्षण दिखाई दें तो तुरंत उसकी जांच कराई जाए। समय पर जांच और उपचार से बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।"

मंत्री ने लोगों से अपील की, "इस वायरस को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद आवश्यक है। राज्य सरकार की आरोग्य टीमें गांव-गांव जाकर स्थिति पर नजर रख रही हैं और संभावित संक्रमित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है।"

उन्होंने उम्मीद जताई कि संक्रमित छह बच्चों का उपचार सफल रहेगा और वे जल्द स्वस्थ होकर घर लौटेंगे।

प्रफुल्ल पानशेरिया ने बताया कि चांडीपुरा वायरस के प्रसार में 'सैंड फ्लाई' नामक एक छोटी मक्खी की भूमिका मानी जाती है। यह मक्खी प्रायः कच्चे मकानों, मिट्टी और दीवारों की दरारों जैसी जगहों पर पनपती है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग प्रभावित इलाकों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करा रहा है और लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने तथा घरों के आसपास गंदगी और नमी नहीं रहने देने की सलाह दी जा रही है।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

Share this story

Tags