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कोलेस्ट्रॉल घटाने की दुनिया में बड़ी क्रांति! अब इंजेक्शन नहीं, रोज एक गोली करेगी LDL कम
 

कोलेस्ट्रॉल घटाने की दुनिया में बड़ी क्रांति! अब इंजेक्शन नहीं, रोज एक गोली करेगी LDL कम


खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL-C का बढ़ा हुआ स्तर दिल और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल है. इसे नियंत्रित करने के लिए लंबे समय से स्टैटिन समेत कई दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन कुछ मरीजों में मौजूदा इलाज के बावजूद LDL-C लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाता या दवाओं को सहन करने में परेशानी होती है.

इसी बीच अमेरिका में कोलेस्ट्रॉल के इलाज के क्षेत्र में एक बड़ी प्रगति हुई है. अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA ने जुलाई 2026 में Merck की Lipfendra (enlicitide) को मंजूरी दी. यह पहली FDA-approved oral PCSK9 inhibitor है, जिसे वयस्कों में हाई कोलेस्ट्रॉल, जिसमें heterozygous familial hypercholesterolemia (HeFH) भी शामिल है, में LDL-C कम करने के लिए डाइट और एक्सरसाइज के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है. 

स्टैटिन से कैसे अलग है Lipfendra?

स्टैटिन शरीर में कोलेस्ट्रॉल बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करके LDL-C कम करने में मदद करते हैं. इसके मुकाबले Lipfendra का तरीका अलग है. इसमें इस्तेमाल होने वाला enlicitide एक macrocyclic peptide है, जो PCSK9 प्रोटीन से जुड़कर उसके LDL receptors के साथ संपर्क को रोकता है.

इससे लिवर की सतह पर मौजूद LDL receptors अधिक प्रभावी ढंग से काम कर पाते हैं और खून से LDL-C को हटाने की क्षमता बढ़ती है. 

इंजेक्शन की जगह अब रोजाना गोली

PCSK9 को निशाना बनाने वाली दवाएं पहले से उपलब्ध थीं, लेकिन उनका इस्तेमाल इंजेक्शन के रूप में किया जाता था. Lipfendra की खासियत यह है कि इसे दिन में एक बार मुंह से लेने वाली टैबलेट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है.

FDA ने इसे 20 mg की टैबलेट के रूप में मंजूरी दी है. दवा को पूरी तरह निगलना होता है और इसे डाइट तथा एक्सरसाइज के साथ इस्तेमाल किया जाता है. 

यानी PCSK9 को टारगेट करने वाले इलाज में अब मरीजों के लिए एक नया oral विकल्प सामने आया है, जिससे बार-बार इंजेक्शन लेने की जरूरत नहीं पड़ती.

LDL को कितनी तेजी से कम करती है?

Lipfendra की प्रभावशीलता को CORALreef clinical program के Phase 3 trials में जांचा गया. Merck के अनुसार, 24वें सप्ताह में placebo की तुलना में LDL-C में लगभग 56 प्रतिशत और 59 प्रतिशत की कमी देखी गई. 

यह नतीजा खास तौर पर उन मरीजों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है जिन्हें मौजूदा इलाज के बावजूद LDL-C को पर्याप्त रूप से कम करने में परेशानी होती है.

शरीर में कैसे काम करती है यह दवा?

हमारे लिवर की सतह पर LDL receptors मौजूद होते हैं. ये रिसेप्टर्स खून में मौजूद LDL-C को पकड़कर उसे लिवर तक पहुंचाने में मदद करते हैं.

PCSK9 नाम का प्रोटीन इन receptors को कम करने की प्रक्रिया में भूमिका निभाता है. जब PCSK9 और LDL receptor के बीच इस प्रक्रिया को enlicitide रोकता है, तो ज्यादा LDL receptors उपलब्ध रहते हैं. इससे लिवर खून से LDL-C को ज्यादा प्रभावी तरीके से हटाने में मदद कर सकता है. 

यही Lipfendra की कार्यप्रणाली का मूल आधार है.

किन मरीजों के लिए हो सकती है उपयोगी?

FDA के अनुसार Lipfendra वयस्कों में hypercholesterolemia और heterozygous familial hypercholesterolemia यानी HeFH के मामलों में LDL-C कम करने के लिए स्वीकृत है. यह डाइट और एक्सरसाइज के साथ इस्तेमाल की जाती है. 

खास तौर पर ऐसे मरीजों में यह एक अतिरिक्त इलाज का विकल्प बन सकती है जिन्हें मौजूदा उपचार के बावजूद LDL-C को पर्याप्त रूप से कम करने की जरूरत है.

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर हाई कोलेस्ट्रॉल मरीज को अब स्टैटिन छोड़कर Lipfendra लेनी चाहिए. किस मरीज को कौन-सी दवा या कॉम्बिनेशन देना है, इसका फैसला डॉक्टर मरीज की बीमारी, जोखिम और पहले से चल रहे इलाज को देखकर करते हैं.

क्या यह हार्ट अटैक रोकने की दवा है?

यहां सावधानी जरूरी है. FDA की मंजूरी Lipfendra को LDL-C कम करने के लिए मिली है. इसका मतलब यह नहीं है कि इसे सीधे हार्ट अटैक या स्ट्रोक रोकने की दवा घोषित कर दिया गया है. 

LDL-C कम करना हृदय संबंधी जोखिम को मैनेज करने का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन किसी व्यक्ति का कुल cardiovascular risk कई दूसरे कारकों पर भी निर्भर करता है.

इस खोज को क्यों माना जा रहा है बड़ा कदम?

PCSK9 को टारगेट करने वाली दवाओं में अब तक इंजेक्शन एक प्रमुख विकल्प रहे हैं. पहली FDA-approved oral PCSK9 inhibitor के रूप में Lipfendra इस तकनीक को गोली के रूप में उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. 

इसका सबसे बड़ा फायदा सुविधा हो सकता है—खासकर उन मरीजों के लिए जिन्हें LDL-C कम करने के लिए PCSK9 आधारित इलाज की जरूरत है लेकिन इंजेक्शन का विकल्प पसंद नहीं है.

हालांकि, नई दवा होने के कारण इसके लंबे समय के वास्तविक दुनिया वाले प्रभाव और अलग-अलग मरीजों में इसका इस्तेमाल आगे के अध्ययन और चिकित्सकीय अनुभव से और स्पष्ट होगा.

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