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बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप जारी: अब तक 825 बच्चों की मौत, आखिर कहां हुई चूक?

ढाका, 27 जुलाई (आईएएनएस)। खसरा पिछले तीन महीनों से बांग्लादेश के लिए आफत का सबब बना हुआ है। खसरे जैसे लक्षणों वाली बीमारी से सोमवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटों में पांच और बच्चों की मौत हो गई, और इस तरह मृतकों की कुल संख्या 825 तक पहुंच गई। स्थानीय मीडिया आंकड़ों के आधार पर खसरे की रोकथाम को लेकर अपनाए ढुलमुल रवैए को इसके फैलने का कारण मान रहा है।

ढाका, 27 जुलाई (आईएएनएस)। खसरा पिछले तीन महीनों से बांग्लादेश के लिए आफत का सबब बना हुआ है। खसरे जैसे लक्षणों वाली बीमारी से सोमवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटों में पांच और बच्चों की मौत हो गई, और इस तरह मृतकों की कुल संख्या 825 तक पहुंच गई। स्थानीय मीडिया आंकड़ों के आधार पर खसरे की रोकथाम को लेकर अपनाए ढुलमुल रवैए को इसके फैलने का कारण मान रहा है।

बांग्लादेश की न्यूज एजेंसी यूएनबी ने स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के हवाले से बताया कि हाल में हुई सभी मौत संदिग्ध खसरा वर्ग में आती हैं।

ताजा अपडेट के बाद कथित खसरे से मौत की संख्या बढ़कर 730 हो गई है, जबकि लैब कन्फर्म खसरे की वजह से मौत का आंकड़ा 95 है और ये पिछले कुछ दिनों से स्थिर बना हुआ है।

पिछले 24 घंटों में खसरे के 992 नए मामले सामने आए, जिसके बाद देशभर में संदिग्ध मामलों की कुल संख्या बढ़कर 1,24,745 हो गई है।

इस दौरान 113 नए मामले भी दर्ज किए गए, जिससे लैब टेस्ट से कन्फर्म मामलों की संख्या बढ़कर 15,555 हो गई।

डीजीएचएस के आंकड़ों के अनुसार, 15 मार्च से अब तक देशभर में खसरे के संदिग्ध लक्षणों वाले 1,07,654 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से 1,03,467 मरीज ठीक हो चुके हैं।

ढाका ट्रिब्यून ने इस मुद्दे को काफी संवेदनशील बताया और विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की। उन्होंने बताया कि गुणवत्ता वाला डेटा किसी भी प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की नींव होता है। यह जानकारी को ऐसी रणनीतियों में बदलने में मदद करता है, जिन्हें जमीनी स्तर पर लागू किया जा सके। टीकाकरण कवरेज, मौसमी बदलाव और संक्रमण के पुराने पैटर्न से जुड़े सांख्यिकीय मॉडल के जरिए ज्यादातर खसरा प्रकोप का पहले ही अनुमान लगाया जा सकता है।

बांग्लादेश कभी भी खसरा-युक्त टीके की पहली और दूसरी दोनों खुराकों के लिए 95 प्रतिशत कवरेज हासिल नहीं कर सका। यह वह स्तर है, जिसे खसरे के प्रकोप को रोकने के लिए जरूरी माना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 2025 में खसरा टीकाकरण कवरेज घटकर करीब 57 प्रतिशत रह गया।

सरकार के प्रशासनिक आंकड़ों में हमेशा टीकाकरण कवरेज 100 प्रतिशत से अधिक दिखाया गया, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और यूनिसेफ के अनुमान के अनुसार, बांग्लादेश में खसरा टीकाकरण कवरेज 2010 से लगातार 93 से 96 प्रतिशत के बीच रहा।

रिपोर्ट के अनुसार, "इन आंकड़ों में अंतर पहले से ही एक चेतावनी संकेत था, लेकिन हम समय रहते इसे पहचानने और संभावित संकट का अनुमान लगाने में विफल रहे।"

--आईएएनएस

केआर/

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