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आयुर्वेद दिवस विशेष : रसोई में सेहत का खजाना, इनका सेवन स्वास्थ्य और शरीर के लिए वरदान

नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। प्रत्येक वर्ष 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में बुधवार को पूरे देश और दुनिया में 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया जा रहा है। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम 'स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद' है। इसका मकसद वैज्ञानिक रिसर्च के जरिए आयुर्वेद को आधुनिक हेल्थकेयर का अहम हिस्सा बनाना है।

नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। प्रत्येक वर्ष 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में बुधवार को पूरे देश और दुनिया में 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया जा रहा है। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम 'स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद' है। इसका मकसद वैज्ञानिक रिसर्च के जरिए आयुर्वेद को आधुनिक हेल्थकेयर का अहम हिस्सा बनाना है।

आयुर्वेद दिवस मनाने की शुरुआत भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने वर्ष 2016 में धन्वंतरि जयंती के अवसर पर की थी, जिसके बाद से हर वर्ष इस दिवस को मनाया जा रहा है। बहुत से लोग सोचते हैं कि आयुर्वेद का मतलब जड़ी-बूटियों पर आधारित स्वास्थ्य सेवा और उपचार है, लेकिन आयुर्वेद केवल जड़ी-बूटियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण जीवनशैली और दीर्घायु होने का विज्ञान है।

हर व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आयुर्वेद से जुड़ा है, जिसमें सबसे अहम जुड़ाव का माध्यम हमारे घर की रसोई है। रसोई में मौजूद कई चीजें आयुर्वेदिक औषधि के तौर पर भी इस्तेमाल होती हैं। ऐसे में आइए हम आपको आयुर्वेद दिवस के खास अवसर पर आमतौर पर हर किसी की रसोई में इस्तेमाल की जाने वाली कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताते हैं, जिसका आयुर्वेद से गहरा नाता होने के साथ स्वास्थ्य संबंधी कई लाभ हैं।

हल्दी उनमें से ही एक है। इसमें 'करक्यूमिन' नामक सक्रिय यौगिक होता है, जो शरीर की सूजन को कम करने, खून को साफ करने और त्वचा के घावों को भरने में मदद करता है। वहीं, आयुर्वेद में ताजे अदरक को सर्वगुण संपन्न औषधि माना गया है। इसके सेवन से गले की खराश और सीने की जकड़न में राहत मिलती है।

अमूमन सभी के घर की रसोई में मौजूद जीरा का सेवन करने से पाचन शक्ति बढ़ती है। यह पेट की गैस को दूर करता है और शरीर को अंदर से स्वस्थ रखने में मदद करता है। लहसुन रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के साथ हृदय स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है।

सौंफ किचन में इस्तेमाल किया जाने वाला एक ऐसा मसाला है, जिसकी तासीर ठंडी होती है। इसमें मीठी खुशबू होती है, जो पेट की गैस को निकालने में मदद करती है और पाचन को शांत रखने के साथ-साथ सांस को साफ रखती है। ठीक इसी प्रकार मसालों की रानी इलायची पाचन को सुचारु बनाने में मदद करती है और खाने के बाद सांस को साफ रखती है।

मेथी के बीज भी शरीर के लिए काफी अच्छे होते हैं। यह मेटाबॉलिज्म को सही बनाए रखते हैं। वहीं, लौंग को खाने से शरीर को गर्माहट मिलती है। यह दांतों के लिए काफी अच्छा होता है। इससे दांतों के दर्द और मसूड़ों की सूजन से तुरंत राहत मिलती है।

--आईएएनएस

डीके/एबीएम

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