क्या आप भी गलत समय पर खा रहे हैं ड्राई फ्रूट्स? AIIMS के डॉक्टर से जानें बादाम-अखरोट खाने का परफेक्ट टाइम
सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स खाने से शरीर को कई पोषक तत्व मिलते हैं। डॉक्टर सौरभ सेठी ने बादाम, अखरोट, काजू, पिस्ता और मूंगफली खाने के समय को लेकर जानकारी साझा की है। हालांकि, ज्यादातर ड्राई फ्रूट्स के लिए कोई एक निश्चित समय जरूरी नहीं है।सर्दियों के मौसम में ड्राई फ्रूट्स खाना कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा होता है। बादाम, अखरोट, काजू, पिस्ता और मूंगफली जैसे मेवे प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट और कई जरूरी पोषक तत्वों के अच्छे स्रोत हैं। इन्हें संतुलित मात्रा में खाने से डाइट को पौष्टिक बनाया जा सकता है।
लेकिन क्या हर ड्राई फ्रूट को खाने का एक खास समय होता है? AIIMS और हार्वर्ड से ट्रेनिंग ले चुके डॉक्टर सौरभ सेठी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो में अलग-अलग मेवों को खाने के समय और उनके पोषण संबंधी फायदों के बारे में बताया है। आइए जानते हैं कि इन मेवों को अपनी रोजाना की डाइट में किस तरह शामिल किया जा सकता है।
1. बादाम: सुबह खाने का विकल्प
बादाम में विटामिन E, मैग्नीशियम, फाइबर और हेल्दी फैट पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व शरीर के सामान्य कामकाज और दिल की सेहत के लिए उपयोगी हैं।
आप सुबह नाश्ते के साथ बादाम खा सकते हैं। इन्हें रातभर भिगोकर खाना भी एक आम तरीका है, लेकिन बादाम से पोषण पाने के लिए इन्हें भिगोना जरूरी नहीं है।
फायदा: बादाम में मौजूद फाइबर, प्रोटीन और फैट पेट भरा रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, केवल सुबह बादाम खाने से ब्लड शुगर नियंत्रित रहने या दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ने की गारंटी नहीं होती।
2. अखरोट: शाम को खाएं या सुबह?
अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक प्रकार अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) पाया जाता है। इसमें फाइबर और अन्य उपयोगी पोषक तत्व भी होते हैं।
डॉक्टर सौरभ सेठी ने अखरोट को शाम के समय खाने का सुझाव दिया है। इसे शाम के नाश्ते में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, अखरोट खाने के लिए शाम का समय अनिवार्य नहीं है। आप इसे सुबह या दिन के किसी अन्य समय भी खा सकते हैं।
फायदा: अखरोट में मौजूद ALA दिल के लिए उपयोगी हो सकता है। इसमें थोड़ी मात्रा में मेलाटोनिन भी पाया जाता है, लेकिन इसे शाम को खाने से नींद बेहतर होने का पक्का वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
3. पिस्ता: दोपहर के नाश्ते में अच्छा विकल्प
पिस्ता प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट और कई खनिजों का स्रोत है। इसे दोपहर के भोजन के साथ या शाम के नाश्ते में खाया जा सकता है।
पिस्ता खाने से पेट भरा महसूस हो सकता है, जिससे बार-बार भूख लगने और बिना सोचे-समझे स्नैकिंग करने में कमी आ सकती है।
फायदा: पिस्ता संतुलित डाइट का हिस्सा बनकर शरीर को ऊर्जा और जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराता है। बेहतर होगा कि आप बिना नमक वाला पिस्ता चुनें, खासकर अगर आपको नमक कम खाने की सलाह दी गई है।
4. काजू: लंच के साथ भी खा सकते हैं
काजू में मैग्नीशियम, कॉपर, जिंक और आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे दोपहर के भोजन के साथ या दिन में किसी भी समय नाश्ते के रूप में खाया जा सकता है।
फायदा: काजू में मौजूद पोषक तत्व सामान्य ऊर्जा उत्पादन, रक्त कोशिकाओं के निर्माण और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज में भूमिका निभाते हैं।
हालांकि, काजू खाने से दोपहर के भोजन के बाद नींद नहीं आएगी, ऐसा जरूरी नहीं है। भोजन के बाद सुस्ती कई कारणों से हो सकती है, जैसे भोजन की मात्रा, नींद की कमी और दिनचर्या।
5. पेकान नट्स: मीठे के साथ लेने का विकल्प
पेकान नट्स में हेल्दी अनसैचुरेटेड फैट, फाइबर और पॉलीफेनॉल जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इन्हें नाश्ते, सलाद या दही के साथ खाया जा सकता है।
कुछ लोग इन्हें मीठे व्यंजनों के साथ भी पसंद करते हैं, लेकिन इन्हें खाने के लिए किसी खास समय या मीठे के साथ लेना जरूरी नहीं है।
फायदा: पेकान नट्स में मौजूद असंतृप्त वसा, संतुलित आहार का हिस्सा होने पर, दिल की सेहत के लिए लाभकारी हो सकती है। हालांकि, इन्हें खाने से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) निश्चित रूप से कम होगा, ऐसा दावा नहीं किया जा सकता।
6. पाइन नट्स यानी चिलगोजा: मिड मॉर्निंग में खा सकते हैं
पाइन नट्स, जिन्हें चिलगोजा भी कहा जाता है, हेल्दी फैट, प्रोटीन और कई खनिजों के स्रोत हैं। इन्हें सुबह के नाश्ते और दोपहर के भोजन के बीच खाया जा सकता है।
इनमें पिनोलेनिक एसिड नाम का फैटी एसिड भी पाया जाता है। इस पर भूख और मेटाबॉलिज्म से जुड़े संभावित प्रभावों को लेकर अध्ययन हुए हैं, लेकिन इसे वजन घटाने का कोई निश्चित उपाय नहीं माना जाना चाहिए।
फायदा: चिलगोजा सीमित मात्रा में खाने से डाइट में ऊर्जा और उपयोगी पोषक तत्व शामिल किए जा सकते हैं।
7. मूंगफली: दिन में कभी भी खा सकते हैं
मूंगफली को अक्सर ड्राई फ्रूट्स की तरह खाया जाता है, हालांकि वनस्पति विज्ञान के अनुसार यह एक दलहन है। इसमें प्रोटीन, हेल्दी फैट, नियासिन और अन्य पोषक तत्व होते हैं।
आप इसे सुबह नाश्ते में, दोपहर में या शाम के स्नैक के रूप में खा सकते हैं। बिना ज्यादा नमक और अतिरिक्त तेल वाली मूंगफली बेहतर विकल्प हो सकती है।
फायदा: मूंगफली में मौजूद प्रोटीन और फैट पेट भरा रखने में मदद कर सकते हैं। नियासिन शरीर की ऊर्जा संबंधी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। लेकिन मूंगफली खाने से दिल और दिमाग की सेहत बेहतर होने के लिए संपूर्ण आहार और स्वस्थ जीवनशैली भी जरूरी हैं।
आखिर कितनी मात्रा में ड्राई फ्रूट्स खाने चाहिए?
ड्राई फ्रूट्स पौष्टिक जरूर हैं, लेकिन इनमें कैलोरी भी अधिक होती है। इसलिए इन्हें जरूरत से ज्यादा खाने के बजाय संतुलित मात्रा में अपनी डाइट में शामिल करना बेहतर है।
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बादाम, अखरोट, पिस्ता और काजू को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में मिलाकर खा सकते हैं।
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बिना नमक और बिना अतिरिक्त चीनी वाले विकल्प चुनें।
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मूंगफली या अन्य मेवे से एलर्जी हो तो उनका सेवन न करें।
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डायबिटीज, किडनी की बीमारी या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या में अपनी डाइट की मात्रा डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के अनुसार तय करें।
ध्यान रखने वाली बात: बादाम सुबह, अखरोट शाम और पिस्ता दोपहर में खाना एक सुविधाजनक दिनचर्या हो सकती है, लेकिन अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए इन मेवों का कोई अनिवार्य समय निर्धारित नहीं है। इनका फायदा मुख्य रूप से पोषण, संतुलित मात्रा और आपकी पूरी डाइट पर निर्भर करता है।

