Anti Rabies Injection Price: इम्युनोग्लोबुलिन के टीके की कीमत बढ़ी, अब मरीजों को चुकाने होंगे ज्यादा पैसे, जानिए नई दरें
नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने एंटी-रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन इंजेक्शन की कीमत बढ़ा दी है। इस बदलाव के बाद, 300 IU/ml एंटी-रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन इंजेक्शन की 1 ml शीशी की नई कीमत ₹119.48 तय की गई है। पहले इस इंजेक्शन की अधिकतम कीमत ₹112.19 थी; यानी कीमत में ₹7.29 की बढ़ोतरी हुई है।
एंटी-रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन क्या है?
यह एक जीवन बचाने वाला इंजेक्शन है जो रेबीज से संक्रमित या वायरस ले जाने वाले जानवर (जैसे कुत्ता, बंदर, बिल्ली आदि) के काटने के गंभीर मामलों में दिया जाता है। यह शरीर को तुरंत सुरक्षा देता है, जबकि रेबीज वैक्सीन धीरे-धीरे इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) बनाती है।
इस आदेश का मरीजों पर क्या असर होगा?
मरीजों से इस दवा के लिए प्रति ml ₹119.48 (साथ में GST, अगर लागू हो) से ज़्यादा पैसे नहीं लिए जा सकते।
अगर कोई कंपनी पहले से ही दवा कम कीमत पर बेच रही है, तो वह ऐसा करना जारी रख सकती है।
जो कंपनियाँ अभी ज़्यादा कीमत पर बेच रही हैं, उन्हें अपनी कीमतें नई अधिकतम सीमा तक कम करनी होंगी।
NPPA के निर्देश
NPPA ने फार्मास्युटिकल कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे नई अधिकतम कीमत के हिसाब से MRP तय करें।
नई कीमत सूची NPPA को जमा करनी होगी और राज्य के ड्रग कंट्रोलर और डीलरों को उपलब्ध करानी होगी।
रिटेलर्स को अपनी दुकानों पर यह कीमत सूची दिखानी होगी।
कंपनियों को उत्पादन, आयात और बिक्री की तिमाही जानकारी NPPA को देनी होगी।
अगर कोई कंपनी इस दवा का उत्पादन बंद करना चाहती है, तो उसे कम से कम छह महीने पहले NPPA को बताना होगा।
अगर ज़्यादा कीमत वसूली जाती है, तो कंपनी से अतिरिक्त राशि के साथ ब्याज भी वसूला जा सकता है।
यह आदेश क्यों जारी किया गया?
NPPA ने यह बदलाव 'नेशनल लिस्ट ऑफ़ एसेंशियल मेडिसिन्स' (NLEM 2022), 'ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर' (DPCO) 2013 और साल 2026 के लिए 0.64956% के WPI के आधार पर किया है।
इससे ज़रूरी दवाओं की कीमतें नियंत्रण में रहती हैं और यह पक्का होता है कि वे मरीजों को तय अधिकतम कीमत पर मिलें।

