40 की उम्र के बाद नहीं होगी हड्डियों में कमजोरी! इन 3 जरूरी पोषक तत्वों से बढ़ाएं शरीर की स्ट्रेंथ
40 की उम्र पार करने के बाद शरीर में धीरे-धीरे कई बदलाव आने लगते हैं। मांसपेशियों की ताकत कम हो सकती है, हड्डियों का घनत्व घटने लगता है और मेटाबॉलिज्म भी पहले की तुलना में धीमा हो सकता है। ऐसे में खान-पान पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है।अगर डाइट में पर्याप्त पोषण मौजूद हो और इसके साथ नियमित शारीरिक गतिविधि की जाए, तो उम्र बढ़ने के साथ होने वाले कई बदलावों को काफी हद तक मैनेज किया जा सकता है। खासतौर पर प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन D शरीर के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व हैं।
40 के बाद शरीर में क्या बदलाव आते हैं?
उम्र बढ़ने के साथ शरीर में हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं। महिलाओं में मेनोपॉज के आसपास एस्ट्रोजन का स्तर कम होने से हड्डियों की सेहत प्रभावित हो सकती है। वहीं पुरुषों में उम्र के साथ टेस्टोस्टेरोन में बदलाव मांसपेशियों और शरीर की संरचना पर असर डाल सकता है।
इसके अलावा इस उम्र में शारीरिक गतिविधि कम होना, लंबे समय तक बैठकर काम करना और असंतुलित खान-पान भी शरीर की फिटनेस को प्रभावित कर सकता है।
यही वजह है कि 40 के बाद डाइट में जरूरी पोषक तत्वों को शामिल करने के साथ-साथ नियमित वॉक, योग या दूसरी एक्सरसाइज को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना फायदेमंद हो सकता है।
मांसपेशियों के लिए जरूरी है प्रोटीन
उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों का मास और ताकत धीरे-धीरे कम हो सकती है। इसे सार्कोपेनिया कहा जाता है। पर्याप्त प्रोटीन लेना मांसपेशियों की मरम्मत और उनके रखरखाव में मदद कर सकता है।
अगर आप वॉक, योग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसी गतिविधियां करते हैं, तो पर्याप्त प्रोटीन शरीर की रिकवरी के लिए भी महत्वपूर्ण होता है।
प्रोटीन के अच्छे स्रोत
- अंडे
- चिकन और मछली
- दूध, दही और पनीर
- दाल, राजमा और छोले
- सोयाबीन और टोफू
- बादाम और अखरोट
- चिया सीड्स जैसे बीज
हर व्यक्ति की प्रोटीन की जरूरत उसकी उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए जरूरत के मुताबिक डाइट प्लान के लिए डाइटिशियन या डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
हड्डियों के लिए कैल्शियम जरूरी
कैल्शियम को आमतौर पर हड्डियों और दांतों की मजबूती से जोड़ा जाता है, लेकिन यह शरीर में मांसपेशियों के काम और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज के लिए भी जरूरी है।
अगर लंबे समय तक डाइट में कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलता, तो हड्डियों की सेहत प्रभावित हो सकती है। उम्र बढ़ने के साथ यह चिंता और महत्वपूर्ण हो जाती है।
कैल्शियम के लिए क्या खाएं?
- दूध और दही
- रागी
- तिल
- टोफू
- सोया मिल्क
- पालक और मेथी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां
- ब्रोकली
- कैल्शियम से फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ
हालांकि, सिर्फ घुटनों से आवाज आने या कमर दर्द को कैल्शियम की कमी का संकेत मानना सही नहीं है। ऐसी समस्या लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
बिना सलाह के कैल्शियम सप्लीमेंट लेना भी उचित नहीं है। जरूरत से ज्यादा कैल्शियम कुछ लोगों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है।
विटामिन D के बिना कैल्शियम का फायदा सीमित हो सकता है
विटामिन D शरीर को कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। इसलिए हड्डियों की अच्छी सेहत के लिए कैल्शियम के साथ पर्याप्त विटामिन D भी जरूरी है।
विटामिन D का एक प्रमुख स्रोत सूरज की रोशनी है। हालांकि, शरीर में विटामिन D का स्तर कई चीजों पर निर्भर करता है, जैसे धूप में बिताया समय, त्वचा का प्रकार, उम्र और जीवनशैली।
विटामिन D के स्रोत
- धूप
- अंडे की जर्दी
- फैटी फिश जैसे सैल्मन और टूना
- फोर्टिफाइड दूध
- विटामिन D से फोर्टिफाइड अनाज और अन्य खाद्य पदार्थ
अगर ब्लड टेस्ट में विटामिन D की कमी सामने आती है, तो डॉक्टर जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं। अपनी मर्जी से हाई-डोज विटामिन D लेना सही नहीं है।
सिर्फ सप्लीमेंट नहीं, संतुलित डाइट पर दें ध्यान
40 के बाद स्वस्थ रहने के लिए सिर्फ किसी एक पोषक तत्व या सप्लीमेंट पर निर्भर रहना सही तरीका नहीं है। शरीर को प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन D के अलावा फाइबर, आयरन, विटामिन और दूसरे पोषक तत्वों की भी जरूरत होती है।
इसलिए रोज की डाइट में दालें, दूध-दही, पनीर या अन्य प्रोटीन स्रोत, हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, नट्स और पर्याप्त पानी शामिल करें।
इसके साथ रोजाना कम से कम कुछ समय शारीरिक गतिविधि के लिए निकालें। पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित रखना भी बढ़ती उम्र में सेहत के लिए महत्वपूर्ण है।
40 के बाद फिट रहने का आसान फॉर्मूला
प्रोटीन + कैल्शियम + विटामिन D + संतुलित डाइट + नियमित एक्सरसाइज = बेहतर उम्रदराज़ सेहत
ध्यान रखें कि पोषण की जरूरत हर व्यक्ति में अलग होती है। अगर आपको पहले से कोई बीमारी है, दवाइयां चल रही हैं या किसी पोषक तत्व की कमी का संदेह है, तो डाइट या सप्लीमेंट में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन की सलाह लें।

