दुनिया में 1.71 अरब लोग हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित, गरीब देशों में तेजी से बढ़ रहे अनियंत्रित मामले
दुनियाभर में हाई ब्लड प्रेशर यानी Hypertension एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2020 तक दुनिया में करीब 1.71 अरब वयस्क हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित थे। सबसे चिंता की बात यह है कि निम्न और मध्यम आय वाले देशों में अनियंत्रित मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि खराब जीवनशैली, तनाव, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी इस समस्या को तेजी से बढ़ा रही है। समय पर जांच और इलाज न मिलने के कारण लाखों लोग गंभीर स्वास्थ्य जोखिम का सामना कर रहे हैं।
क्या होता है हाई ब्लड प्रेशर?
हाई ब्लड प्रेशर ऐसी स्थिति है, जब धमनियों में रक्त का दबाव सामान्य स्तर से अधिक हो जाता है। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहने पर हृदय, मस्तिष्क, किडनी और आंखों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार इसे “साइलेंट किलर” भी कहा जाता है, क्योंकि कई मामलों में शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते।
निम्न और मध्यम आय वाले देशों में बढ़ी चिंता
रिपोर्ट के अनुसार निम्न और मध्यम आय वाले देशों में हाई ब्लड प्रेशर के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इन देशों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, जागरूकता का अभाव और नियमित जांच न होना बड़ी वजह मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई लोग वर्षों तक यह जाने बिना जीते रहते हैं कि उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है। ऐसे में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
युवाओं में भी बढ़ रहे मामले
पहले हाई ब्लड प्रेशर को बढ़ती उम्र से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लगातार तनाव, जंक फूड, कम नींद और फिजिकल एक्टिविटी की कमी इसके प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
कैसे करें बचाव?
डॉक्टरों के मुताबिक कुछ आसान आदतों को अपनाकर हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है:
- नियमित व्यायाम करें
- नमक और तली-भुनी चीजों का सेवन कम करें
- तनाव को नियंत्रित रखें
- धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं
- नियमित ब्लड प्रेशर जांच कराएं
- पर्याप्त नींद लें
समय पर इलाज है जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हाई ब्लड प्रेशर को समय रहते नियंत्रित न किया जाए, तो यह हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।

