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भारत में कब शुरू होगी स्टारलिंक की सर्विस? मस्क के आरोपों के बीच कंपनी के वीपी ने साफ किया लॉन्चिंग प्लान

भारत में कब शुरू होगी स्टारलिंक की सर्विस? मस्क के आरोपों के बीच कंपनी के वीपी ने साफ किया लॉन्चिंग प्लान

दुनिया की प्रमुख सैटेलाइट इंटरनेट कंपनियों में शामिल Starlink ने भारत में अपनी एंट्री को लेकर अपनी तैयारियों और सिक्योरिटी व्यवस्था पर स्थिति स्पष्ट की है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 में Starlink बिजनेस ऑपरेशन्स की वाइस प्रेसिडेंट Lauren Dreyer ने कहा कि कंपनी ने भारत के लिए खास सुरक्षा और डेटा कंट्रोल तैयार किए हैं।Dreyer के मुताबिक, भारत में 20 से ज्यादा गेटवे साइट्स तैयार की जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय यूजर्स से जुड़ा डेटा देश की सीमाओं के भीतर ही सुरक्षित रखा जा रहा है।

PM मोदी के 100% कनेक्टिविटी विजन में योगदान का दावा

IMC 2026 में बोलते हुए Lauren Dreyer ने कहा कि Starlink भारत के हर हिस्से तक इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने में सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहता है।उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश में 100% कनेक्टिविटी के विजन में योगदान देना है। कंपनी के अनुसार, Starlink की तकनीक को भारत के नियामकीय नियमों, सुरक्षा जरूरतों और डेटा संप्रभुता से जुड़े मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।

Dreyer ने बताया कि Starlink पिछले करीब पांच वर्षों से भारतीय रेगुलेटर्स, टेलीकॉम कंपनियों और इंडस्ट्री पार्टनर्स के साथ काम कर रहा है।

टेलीकॉम कंपनियों को रिप्लेस नहीं, सपोर्ट करेगा Starlink

Starlink की ओर से यह भी साफ किया गया कि कंपनी भारत के मौजूदा टेलीकॉम नेटवर्क को खत्म करने या उसकी जगह लेने के लिए नहीं आ रही है। इसका उद्देश्य मौजूदा टेरेस्ट्रियल नेटवर्क की पहुंच को और बढ़ाना है।

कंपनी के मुताबिक, सैटेलाइट और जमीन पर मौजूद टेलीकॉम नेटवर्क साथ मिलकर काम करें तो दूर-दराज के इलाकों तक कनेक्टिविटी पहुंचाना आसान हो सकता है। इससे सरकारी सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं की पहुंच भी ज्यादा लोगों तक हो सकती है।

Dreyer ने भारत में Airtel और Jio के साथ हुए समझौतों और अलग-अलग राज्य सरकारों के साथ चल रही बातचीत को इस सहयोग का उदाहरण बताया।

भारत में 20 से ज्यादा गेटवे और सैकड़ों एंटीना तैयार

Starlink ने भारत में अपना जमीनी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना भी शुरू कर दिया है। कंपनी के अनुसार, देश में 20 से ज्यादा गेटवे साइट्स और सैकड़ों एंटीना स्थापित किए जा चुके हैं।

Dreyer ने भारत में डिजिटल कनेक्टिविटी की प्रगति की तारीफ करते हुए कहा कि देश में करोड़ों लोगों को सस्ता इंटरनेट मिल रहा है। हालांकि, दूर-दराज और अंतिम छोर के इलाकों तक इंटरनेट पहुंचाना अभी भी बड़ी चुनौती है।

Starlink का दावा है कि सैटेलाइट इंटरनेट इस चुनौती को कम करने में मदद कर सकता है।

SpaceX ने ISRO के मिशनों में भी दिया सहयोग

Lauren Dreyer ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि SpaceX ने भारत के दो डेडिकेटेड स्पेस मिशनों के साथ-साथ ऐसे 19 मिशनों को भी सपोर्ट किया है, जिनमें भारतीय पेलोड शामिल थे।

Elon Musk के आरोपों से अलग दिखा कंपनी का रुख

Starlink की भारत में एंट्री को लेकर कंपनी के बयान ऐसे समय आए हैं, जब Elon Musk ने भारत में Starlink को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ गंभीर आरोप लगाए थे।Musk ने आरोप लगाया था कि कुछ प्रभावशाली कारोबारी समूह Starlink की भारत में एंट्री को रोकना चाहते हैं, ताकि मौजूदा बाजार में अपना दबदबा बनाए रखा जा सके। उन्होंने इसे भारतीय लोगों के हितों के खिलाफ बताया था।हालांकि, सरकार की ओर से कहा गया है कि भारत में काम करने वाली सभी कंपनियों के लिए नियामकीय नियम समान हैं और Starlink को भी इन्हीं प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।

अब सवाल- कंपनी और Musk के बयानों में अंतर क्यों?

एक तरफ Starlink की वरिष्ठ अधिकारी Lauren Dreyer भारत में सुरक्षा, डेटा लोकलाइजेशन और सरकारी नियमों का पालन करने की बात कह रही हैं। वहीं, कंपनी के प्रमुख Elon Musk भारत में Starlink की एंट्री को लेकर अलग तरह की चिंताएं और आरोप सार्वजनिक रूप से जाहिर कर चुके हैं।ऐसे में Starlink की भारत में वास्तविक लॉन्च टाइमलाइन, लाइसेंसिंग प्रक्रिया और सर्विस शुरू होने के बाद कंपनी की कीमतें और कवरेज किस तरह होंगे, इस पर अब नजर रहेगी।

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