ChatGPT / Gemini का करते है इस्तेमाल तो इन बातों का रखे खास ख्याल, वरना खड़ी हो सकती है मुसीबत
आजकल, घरों से लेकर ऑफिस तक, हर जगह चैटबॉट का इस्तेमाल बढ़ गया है। कुछ लोग चैटबॉट पर इतने डिपेंडेंट हो गए हैं कि वे कैलकुलेशन से लेकर करियर के फैसले लेने तक, हर चीज़ के लिए इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। चैटबॉट ने लोगों की प्रोडक्टिविटी और क्रिएटिविटी भी बढ़ाई है, लेकिन चैटबॉट पर आंख मूंदकर भरोसा करना सही नहीं है। अगर चैटबॉट का इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां नहीं बरती गईं, तो बड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। आज हम जानेंगे कि चैटबॉट के बारे में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
चैटबॉट की हर बात पर भरोसा न करें
ChatGPT या Gemini जैसे चैटबॉट कितने भी पावरफुल क्यों न हों, उनकी हर बात पर भरोसा न करें। ये चैटबॉट ट्रेनिंग डेटा और संभावना के आधार पर जवाब देते हैं। सबसे एडवांस्ड चैटबॉट भी गलत या गुमराह करने वाले जवाब दे सकते हैं। इसलिए, उनकी हर बात पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
पर्सनल जानकारी शेयर न करें
भले ही बातचीत के दौरान कोई चैटबॉट भरोसेमंद लगे, लेकिन उसके साथ अपनी पर्सनल जानकारी जैसे अकाउंट पासवर्ड और हेल्थ से जुड़ी जानकारी शेयर न करें। यह जानकारी कंपनी के सर्वर तक पहुंच सकती है और इसका इस्तेमाल चैटबॉट को ट्रेन करने के लिए किया जा सकता है। इसलिए, अपनी सेंसिटिव जानकारी गलत हाथों में न जाने दें।
उन्हें इंसान की तरह न समझें
AI चैटबॉट इंसानों की तरह बात कर सकते हैं, लेकिन उनमें इंसानी भावनाएं नहीं होतीं। अगर कोई चैटबॉट आपसे माफी मांगता है, तो वह सिर्फ बातचीत के पैटर्न को फॉलो कर रहा होता है। इन चैटबॉट को न तो पछतावा होता है और न ही गर्व। वे सिर्फ डेटा के आधार पर जवाब देते हैं।
डेटा प्राइवेसी को नज़रअंदाज़ न करें
कई फ्री और थर्ड-पार्टी चैटबॉट यूज़र की जानकारी देश के बाहर स्टोर करते हैं। इसलिए, चैटबॉट इस्तेमाल करने से पहले हमेशा प्राइवेसी की शर्तें पढ़ें। अगर कुछ भी संदिग्ध लगे, तो बेहतर होगा कि उसका इस्तेमाल न करें।

