मौसम पूर्वानुमान में बड़ा बदलाव: IMD ने लॉन्च किया AI आधारित सिस्टम, अब गांव-गली तक मिलेगी सटीक जानकारी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मौसम पूर्वानुमान प्रणाली में एक बड़ा तकनीकी बदलाव करते हुए नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम लॉन्च किया है। इस नई तकनीक के जरिए अब बारिश और मौसम से जुड़ी जानकारी सिर्फ शहर या जिले स्तर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि खेत, गांव, गली और मोहल्ले के स्तर तक सटीक पूर्वानुमान उपलब्ध हो सकेगा।
सूत्रों के अनुसार, इस AI सिस्टम में सैटेलाइट डेटा, रडार इनपुट और स्थानीय मौसम पैटर्न का विश्लेषण कर अत्यंत सूक्ष्म स्तर पर पूर्वानुमान तैयार किया जाएगा। इससे किसानों, आम नागरिकों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को समय रहते अधिक सटीक जानकारी मिल सकेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक कृषि क्षेत्र के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि अब किसान अपने खेत स्तर पर बारिश की संभावना और मौसम की स्थिति के आधार पर फसल प्रबंधन के निर्णय अधिक सटीक रूप से ले सकेंगे।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अधिकारियों के अनुसार, इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य मौसम पूर्वानुमान की सटीकता बढ़ाना और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करना है। इसके जरिए बाढ़, आंधी और अत्यधिक बारिश जैसी स्थितियों का पहले से बेहतर अनुमान लगाया जा सकेगा।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि AI तकनीक के उपयोग से डेटा प्रोसेसिंग तेज होगी और लोकल स्तर पर बदलावों को भी तुरंत ट्रैक किया जा सकेगा। इससे मौसम अलर्ट सिस्टम और अधिक प्रभावी हो जाएगा।
किसान संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है और कहा है कि यदि यह सिस्टम सही तरीके से लागू होता है, तो खेती से जुड़े जोखिम काफी हद तक कम हो सकते हैं। खासकर मानसून के दौरान फसल बचाव की रणनीति बनाने में यह तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि इस सिस्टम की सफलता इसके डेटा नेटवर्क, सटीक कैलिब्रेशन और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल पहुंच पर निर्भर करेगी।
फिलहाल, IMD की इस नई AI पहल को मौसम विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ा तकनीकी कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में भारत में मौसम पूर्वानुमान और अधिक आधुनिक और स्थानीय स्तर पर सटीक होने की उम्मीद है।

