बिकिनी ट्रेंड के चलते X ने किया बड़ा ऐलान, अब ग्रोक पर बंद हुई ये फ्री सर्विस
एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने अपने AI चैटबॉट Grok की इमेज एडिटिंग क्षमताओं को सिर्फ़ पेड सब्सक्राइबर तक सीमित कर दिया है। इसका मतलब है कि Grok पर इमेज एडिटिंग अब X पर मुफ़्त में उपलब्ध नहीं होगी। कंपनी ने "बिकिनी इमेज" ट्रेंड के बाद हुई दिक्कतों के बाद यह कदम उठाया। Grok यूज़र्स को इमेज एडिट करने और लोगों को वर्चुअली कपड़े उतारने की अनुमति दे रहा था, जिसके कारण भारत और UK सहित कई सरकारों ने कंपनी को नोटिस भेजे थे।
क्या था मामला?
Grok को X पर सीधे टैग किया जा सकता है, जिसके बाद यह प्रॉम्प्ट के आधार पर जवाब देता है। यह अपलोड की गई फ़ोटो को भी एडिट करता था। इस फ़ीचर के ज़रिए लोग सोशल मीडिया पर लोगों की फ़ोटो एडिट कर रहे थे और उनके कपड़े हटा रहे थे। इस ट्रेंड की काफ़ी आलोचना हुई, और यहाँ तक कि एलन मस्क को भी इसमें Grok की भूमिका के बारे में सफ़ाई देनी पड़ी। भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा, जबकि UK में इसे पूरी तरह से बैन करने की मांग उठी।
अब क्या बदला है?
X ने अब कहा है कि सिर्फ़ पेड सब्सक्राइबर, यानी ब्लू टिक वाले यूज़र्स ही Grok पर इमेज एडिट कर सकते हैं। इसका मतलब है कि सिर्फ़ वेरिफ़ाइड पेड अकाउंट ही इमेज एडिटिंग के लिए Grok का इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि उनके नाम और पेमेंट डिटेल्स कंपनी के पास स्टोर होते हैं। हालाँकि, इसका मतलब यह नहीं है कि यूज़र्स Grok पर मुफ़्त में इमेज एडिट नहीं कर पाएंगे। वे पहले की तरह Grok के ऐप या वेबसाइट के ज़रिए इमेज एडिट कर सकते हैं। वहाँ लागू किए गए टेक्निकल सुरक्षा उपायों के बारे में अभी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
भारत सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया
भारत सरकार ने भी Grok AI बिकिनी ट्रेंड को लेकर कड़ा रुख अपनाया। सरकार ने कहा कि भारत में ऐसे कंटेंट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कंपनी को तुरंत अपने प्लेटफॉर्म से ऐसे कंटेंट को हटाना होगा। सरकार ने X की सफ़ाई को स्वीकार नहीं किया और कहा कि कंपनी को यह बताना होगा कि भविष्य में ऐसे ट्रेंड को रोकने के लिए वह क्या कदम उठा रही है।

