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रोबोटिक्स और औद्योगिक मशीनरी आयात पर ट्रंप प्रशासन का बड़ा कदम, साझेदार देशों से बातचीत के निर्देश

वाशिंगटन, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्थानीय समय अनुसार बुधवार को रोबोटिक्स, औद्योगिक मशीनरी और उनके कलपुर्जों के आयात को लेकर व्यापारिक साझेदारों के साथ बातचीत का निर्देश दिया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है, हालांकि भविष्य में टैरिफ और अन्य पाबंदियों की संभावना को खुला रखा है।

वाशिंगटन, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्थानीय समय अनुसार बुधवार को रोबोटिक्स, औद्योगिक मशीनरी और उनके कलपुर्जों के आयात को लेकर व्यापारिक साझेदारों के साथ बातचीत का निर्देश दिया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है, हालांकि भविष्य में टैरिफ और अन्य पाबंदियों की संभावना को खुला रखा है।

इस घोषणा के तहत वाणिज्य सचिव और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को संयुक्त रूप से बातचीत शुरू करने या जारी रखने का निर्देश दिया गया है और 180 दिनों के भीतर प्रगति की जानकारी देने को कहा गया है। इसमें तुरंत कोई नया टैरिफ नहीं लगाया गया है और न ही इन उत्पादों के लिए कोई दर तय की गई है।

ट्रंप ने वाणिज्य सचिव की इस रिपोर्ट को स्वीकार किया है कि इन आयातों की मात्रा और परिस्थितियां अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। घोषणा के अनुसार, सचिव ने पिछले 90 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपी थी।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "बातचीत की स्थिति या परिणाम के आधार पर, मैं भविष्य में वैकल्पिक उपायों पर विचार कर सकता हूं।" इन विकल्पों में टैरिफ, शुल्क, कोटा और फीस लगाना या उनमें बदलाव करना शामिल है। ट्रंप ने अमेरिका में रोबोटिक्स, औद्योगिक मशीनरी और उनके पार्ट्स के उत्पादन में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक कार्यक्रम की संभावना भी जताई है।

यह निर्देश बातचीत के लिए साझेदारों के चयन का काम वाणिज्य सचिव और व्यापार प्रतिनिधि पर छोड़ता है। इसमें भारत का नाम नहीं लिया गया है और न ही किसी देश के लिए विशेष समझौते, छूट या प्रतिबंध की घोषणा की गई है।

अधिकारियों को बातचीत की स्थिति या परिणाम के बारे में ट्रंप को जानकारी देते रहना होगा, जिसमें 180 दिन की अवधि के भीतर कम से कम एक अपडेट देना जरूरी है। घोषणा में यह नहीं कहा गया है कि इस अवधि के खत्म होने पर टैरिफ अपने आप लागू हो जाएंगे।

वाणिज्य विभाग को आयात की निगरानी जारी रखनी होगी और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उनके प्रभाव की समीक्षा करनी होगी। सचिव को राष्ट्रपति को ऐसी किसी भी स्थिति के बारे में सचेत करना होगा, जिसमें आगे और कदम उठाने की जरूरत पड़ सकती है।

घोषणा में एडवांस रोबोट के सैन्य उपयोगों का भी जिक्र है, जिसमें टोही (जासूसी/निगरानी), घायलों को निकालना और बारूदी सुरंगों का पता लगाना और उन्हें हटाना शामिल है। दस्तावेज के अनुसार, ऑटोमेटेड मैन्युफैक्चरिंग रक्षा उत्पादकों को उत्पादन बढ़ाने में मदद करती है, खासकर युद्ध या अन्य सशस्त्र संघर्ष के दौरान।

वाणिज्य सचिव ने पाया कि अमेरिका अधिकांश प्रकार के रोबोटिक्स, औद्योगिक मशीनरी और संबंधित कलपुर्जों के लिए विदेशी आपूर्ति पर निर्भर है। घोषणा में कहा गया है कि पिछले एक दशक में आयात का मूल्य बढ़ा है और आगे भी बढ़ने का अनुमान है।

सचिव ने कुछ विदेशी संस्थाओं द्वारा आपूर्ति किए गए उपकरणों से संभावित साइबर सुरक्षा जोखिमों की भी पहचान की है। घोषणा में सारांशित निष्कर्षों के अनुसार, ऐसी मशीनरी को मैन्युफैक्चरिंग और रक्षा प्रणालियों में एकीकृत किया जा सकता है जो संवेदनशील जानकारी को प्रोसेस और स्टोर करती हैं।

दस्तावेज में कहा गया है कि अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं में निवेश बढ़ने के बावजूद, घरेलू उत्पादन खपत से कम रहा और क्षमता राष्ट्रीय सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त थी। इसमें इस क्षेत्र के भीतर कम उपयोग की गई विनिर्माण क्षमता का भी हवाला दिया गया है।

व्हाइट हाउस की एक अलग फैक्ट शीट में इस बातचीत को घरेलू उत्पादन को मजबूत करने और आयातित उपकरणों पर निर्भरता कम करने के प्रयास के रूप में पेश किया गया है। न तो उस बयान में और न ही घोषणा में किसी पूरे हुए समझौते या बुधवार की कार्रवाई के परिणामस्वरूप नए निवेश की मात्रा की घोषणा की गई है।

--आईएएनएस

वीकेयू/वीसी

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