18 साल से कम उम्र वालों के लिए Meta के नए नियम, Facebook-Instagram पर होंगे ये बड़े बदलाव
फेसबुक और इंस्टाग्राम इस्तेमाल करने वाले नाबालिगों के लिए मेटा जल्द कई नए सेफ्टी फीचर्स लागू करने की तैयारी में है। बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल, मानसिक स्वास्थ्य और डेटा सुरक्षा को लेकर अमेरिका में चल रहे मुकदमों के बीच कंपनी ने करीब 16.68 अरब डॉलर तक के समझौते पर सहमति जताई है। हालांकि मेटा ने आरोपों से इनकार किया है और समझौते में किसी गलती या जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं किया है।
18 साल से कम उम्र वालों के लिए रोज 2 घंटे की लिमिट
प्रस्तावित नए नियमों के तहत 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए Facebook और Instagram पर रोजाना 2 घंटे की डिफॉल्ट इस्तेमाल सीमा होगी।खास बात यह है कि दोनों ऐप का समय अलग-अलग नहीं गिना जाएगा। यानी Instagram पर बिताया गया समय और Facebook पर बिताया गया समय मिलकर कुल 2 घंटे की सीमा में शामिल होगा। इस सीमा को बदलने या हटाने के लिए पैरेंटल परमिशन की जरूरत होगी।
रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक ऐप रहेगा बंद
किशोरों के देर रात सोशल मीडिया इस्तेमाल को कम करने के लिए रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट मोड लागू किया जाएगा।इस दौरान नाबालिग यूजर्स Facebook और Instagram पर कंटेंट देखने या पोस्ट करने में सक्षम नहीं होंगे। इसका उद्देश्य बच्चों की नींद और रात के समय सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखना है।
स्कूल टाइम में नोटिफिकेशन होंगे म्यूट
बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक नोटिफिकेशन डिफॉल्ट रूप से म्यूट रखने का प्रावधान होगा।हालांकि जरूरी डायरेक्ट मैसेज और अकाउंट की सुरक्षा से संबंधित अलर्ट इस व्यवस्था से अलग रह सकते हैं।
हर 15 मिनट में मिलेगा ब्रेक का रिमाइंडर
मेटा लगातार सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले किशोरों को बीच-बीच में ब्रेक लेने के लिए भी याद दिलाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था में हर 15 मिनट के लगातार इस्तेमाल के बाद ब्रेक प्रॉम्प्ट दिखाया जाएगा।इसके अलावा 60 मिनट और 90 मिनट का इस्तेमाल पूरा होने पर भी यूजर को ब्रेक लेने की याद दिलाई जाएगी।
29 अमेरिकी राज्यों ने लगाए थे आरोप
अमेरिका के 29 राज्यों की ओर से मेटा पर आरोप लगाया गया था कि उसके प्लेटफॉर्म बच्चों और किशोरों को ज्यादा समय तक जोड़े रखने तथा सोशल मीडिया की लत को बढ़ावा देने वाले तरीके से डिजाइन किए गए हैं। कंपनी पर नाबालिगों के डेटा से जुड़े सवाल भी उठाए गए थे।मेटा ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। समझौते के तहत बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्लेटफॉर्म पर कई बदलाव किए जाने की बात सामने आई है।

