Meta की बढ़ीं मुश्किलें! मोदी सरकार ने ग्लोबल अधिकारियों को बुलाकर माँगा जवाब
केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए मेटा की ग्लोबल टीम को तलब किया है। IT सचिव एस. कृष्णन ने मंगलवार (4 अगस्त) को कहा कि 5-6 अगस्त को सरकार मेटा की ग्लोबल टीम के सामने कई मुद्दे उठाएगी, जिनमें बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट (CSAM) के मामलों को संभालने से लेकर प्रमुख अकाउंट्स के खिलाफ गलत कार्रवाई तक के मामले शामिल हैं।
हाल ही में, मेटा ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस एग्जाम (NEET) के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक आधिकारिक फेसबुक पोस्ट को कुछ समय के लिए हटा दिया था। इसके बाद सरकार ने मेटा इंडिया के एक अधिकारी को तलब किया था; अब ग्लोबल टीम को बुलाया गया है।
न्यूज़ एजेंसी PTI के अनुसार, IT सचिव ने CSAM पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मेटा जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके सिस्टम उम्मीद के मुताबिक काम करें। इंस्टाग्राम पर विज्ञापनों के ज़रिए बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट फैलाए जाने के मामलों को लेकर मेटा की जांच चल रही है।
**संसदीय समिति का कड़ा रुख**
इससे पहले, सोमवार (3 अगस्त) को कम्युनिकेशन और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी पर बनी संसदीय स्थायी समिति ने पीएम मोदी की फेसबुक पोस्ट को कुछ समय के लिए हटाए जाने पर गंभीर चिंता जताई थी। BJP सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली इस समिति ने मेटा, गूगल, यूट्यूब, स्नैपचैट और X के प्रतिनिधियों के साथ-साथ गृह मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय के अधिकारियों से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा।
X पर एक पोस्ट में निशिकांत दुबे ने कहा, "सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भारत से ₹3 लाख करोड़ कमाते हैं, लेकिन टैक्स के तौर पर सिर्फ़ ₹8,000 करोड़ जमा करते हैं। वे हमारे ही पैसे का इस्तेमाल संविधान को कमजोर करने, देश को बांटने और देश-विरोधी ताकतों का समर्थन करने के लिए करते हैं।"

