iPhone Duo के लिए मची लूट! भारत में आएंगी सिर्फ 6,000 यूनिट्स, ग्रे मार्केट में ₹50,000 तक ज्यादा कीमत की मांग
Apple के पहले फोल्डेबल iPhone iPhone Duo को लेकर दुनियाभर में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 16 अक्टूबर को प्री-ऑर्डर शुरू होने के करीब एक घंटे के भीतर ही यह डिवाइस आउट ऑफ स्टॉक हो गई। अब भारत में इसकी सीमित सप्लाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि पहले सप्ताह में देश को इसकी केवल 6,000 यूनिट्स मिलने की उम्मीद है। कम उपलब्धता के चलते कुछ ग्राहक ग्रे मार्केट का रुख कर रहे हैं, जहां फोन के लिए 50,000 रुपये तक अतिरिक्त रकम मांगे जाने की खबरें सामने आई हैं।
भारत में सिर्फ 6,000 यूनिट्स आने की उम्मीद
मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में iPhone Duo की शुरुआती सप्लाई काफी सीमित रहने की संभावना है। टिप्सटर अभिषेक यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसी रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि पहले बैच में भारत के लिए लगभग 6,000 यूनिट्स भेजी गई हैं।हालांकि, यह संख्या शुरुआती रिपोर्ट पर आधारित है। Apple की ओर से भारत में पहले बैच की कुल सप्लाई को लेकर आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध होने की जानकारी नहीं दी गई है।
दुबई और सिंगापुर से फोन मंगाने की तैयारी
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में iPhone Duo की मांग पूरी करने के लिए ग्रे मार्केट के कुछ विक्रेता दुबई और सिंगापुर जैसे बाजारों से डिवाइस मंगाने की कोशिश कर रहे हैं। सीमित स्टॉक के कारण कुछ ग्राहकों से आधिकारिक कीमत के मुकाबले 50,000 रुपये तक ज्यादा पैसे मांगे जाने की बात कही गई है।इस स्थिति में उन लोगों को परेशानी हो सकती है, जो फोन लॉन्च होते ही इसे खरीदना चाहते हैं। खासकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और टेक्नोलॉजी से जुड़े लोगों के बीच इस डिवाइस को लेकर काफी उत्सुकता बताई जा रही है।
रिटेलर्स को भी नहीं मिल रहा पर्याप्त स्टॉक
रिपोर्ट में दिल्ली के एक बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेलर के हवाले से बताया गया है कि सप्लाई की कमी के कारण बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। एक रिटेलर ने कथित तौर पर 100 यूनिट्स की मांग की थी, लेकिन उन्हें केवल पांच यूनिट्स मिलने की संभावना बताई गई।दिल्ली के अलावा मुंबई में भी सीमित स्टॉक को लेकर ऐसी ही स्थिति होने की खबरें हैं। कुछ विक्रेताओं को यह तक स्पष्ट नहीं है कि उन्हें अगली खेप में कितने फोन मिलेंगे।
क्या है ग्रे मार्केट और यहां से फोन खरीदने में क्या जोखिम है?
ग्रे मार्केट उन विक्रेताओं के बाजार को कहा जाता है, जो कंपनी के आधिकारिक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से बाहर असली उत्पाद बेचते हैं। ऐसे फोन विदेश से भी मंगाए जा सकते हैं। हालांकि, ग्रे मार्केट से खरीदारी करने पर ग्राहक को आधिकारिक बिक्री चैनल जैसी वारंटी, सर्विस और रिटर्न की सुविधाएं मिलेंगी ही, इसकी गारंटी नहीं होती।विदेश से आया मॉडल खरीदने से पहले उसके नेटवर्क बैंड, सिम सपोर्ट, क्षेत्रीय प्रतिबंध और भारत में वारंटी की शर्तों की जांच करना जरूरी है। केवल फोन जल्दी पाने के लिए अतिरिक्त रकम खर्च करने से पहले आधिकारिक उपलब्धता का इंतजार करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
iPhone Duo बना स्टेटस सिंबल
iPhone Duo को लेकर उत्साह की एक बड़ी वजह इसका फोल्डेबल डिजाइन और Apple का ब्रांड है। रिपोर्ट के मुताबिक, कई ग्राहक और सोशल मीडिया क्रिएटर्स इस फोन को जल्द से जल्द खरीदना चाहते हैं। ऐसे में सीमित सप्लाई ने इसकी मांग और बढ़ा दी है।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत में इसकी अगली खेप कब आएगी और क्या पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के बाद ग्रे मार्केट में मांगी जा रही अतिरिक्त कीमतों में कमी आएगी। फिलहाल, खरीदारों को आधिकारिक स्टॉक और कीमत की पुष्टि होने तक सावधानी बरतनी चाहिए।

