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जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस बनी लोगों की पहली पसंद, 10 दिनों में करीब 45 हजार यात्रियों ने किया सफर: केंद्र

नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा को यात्रियों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के बीच शुरू हुई इस आधुनिक ट्रेन सेवा ने अपने संचालन के शुरुआती 10 दिनों में ही लगभग 45 हजार यात्रियों को सफर कराया है। मंत्रालय का कहना है कि यह ट्रेन अब जम्मू-कश्मीर की नई लाइफलाइन बनती जा रही है।
जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस बनी लोगों की पहली पसंद, 10 दिनों में करीब 45 हजार यात्रियों ने किया सफर: केंद्र

नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा को यात्रियों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के बीच शुरू हुई इस आधुनिक ट्रेन सेवा ने अपने संचालन के शुरुआती 10 दिनों में ही लगभग 45 हजार यात्रियों को सफर कराया है। मंत्रालय का कहना है कि यह ट्रेन अब जम्मू-कश्मीर की नई लाइफलाइन बनती जा रही है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जून 2025 को ऐतिहासिक 272 किलोमीटर लंबे उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक का उद्घाटन किया था। इसके बाद 30 अप्रैल 2026 को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 20 कोच वाली जम्मू तवी-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। नियमित संचालन शुरू होने के बाद 2 मई से 11 मई तक इस रूट पर चलने वाली चारों ट्रेन सेवाओं ने कुल 44,727 यात्रियों को सफर कराया।

रेलवे मंत्रालय के मुताबिक, ट्रेन सेवा के पहले सप्ताह में ही 28,762 यात्रियों ने यात्रा की। यह आंकड़ा दिखाता है कि जम्मू-कश्मीर रेल कॉरिडोर पर यात्रा की मांग कितनी तेजी से बढ़ रही है।

इस रूट पर ट्रेन संख्या 26401 और 26402 जम्मू तवी और श्रीनगर के बीच सप्ताह में छह दिन चलती हैं, जबकि ट्रेन संख्या 26403 और 26404 बुधवार को छोड़कर बाकी सभी दिनों में सेवा देती हैं। इस तरह ज्यादातर दिनों में यात्रियों को आने-जाने के लिए चार ट्रेन सेवाएं उपलब्ध रहती हैं।

रेलवे के अनुसार, कई दिनों में यात्रियों की संख्या क्षमता के करीब पहुंच गई। 3 मई को 4,977 यात्रियों ने सफर किया, जबकि 10 मई को यह आंकड़ा बढ़कर 5,657 तक पहुंच गया। रविवार को ट्रेनों की औसत ऑक्यूपेंसी 98 प्रतिशत से ज्यादा दर्ज की गई, जो इस रूट की बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पहले 8 कोच वाली ट्रेनें पूरी तरह भर जाती थीं, लेकिन अब 20 कोच होने के बावजूद ट्रेनों में सीटें तेजी से भर रही हैं।

यह ट्रेन सेवा सिर्फ यात्रा का साधन नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आई है। अब श्रद्धालु, छात्र, व्यापारी, सरकारी कर्मचारी और पर्यटक बिना किसी रुकावट के आरामदायक सफर कर पा रहे हैं।

पर्यटक अब चिनाब और अंजी जैसे विश्वस्तरीय रेलवे पुलों का नजारा लेते हुए वंदे भारत ट्रेन से कश्मीर पहुंच रहे हैं। ट्रेन को खासतौर पर माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में चलने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे बर्फबारी और भूस्खलन के दौरान भी यात्रा आसान बनी रहेगी।

रेलवे मंत्रालय ने आगे बताया कि जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत इस रूट पर सबसे किफायती यात्रा विकल्प बनकर उभरी है। चेयर कार टिकट में भोजन भी शामिल है और इसकी कीमत हवाई यात्रा या टैक्सी के मुकाबले काफी कम है।

जहां फ्लाइट टिकट यात्रियों की जेब पर भारी पड़ते हैं, वहीं वंदे भारत ट्रेन कम खर्च में आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव दे रही है। खास बात यह है कि हाईवे बंद होने की स्थिति में भी ट्रेन सेवा यात्रियों के लिए भरोसेमंद विकल्प बनी हुई है।

जम्मू से श्रीनगर तक का यह रेल सफर दुनिया के सबसे खूबसूरत रेल मार्गों में गिना जा रहा है। ऊंचे पहाड़, लंबी सुरंगें, चिनाब और अंजी जैसे इंजीनियरिंग के अद्भुत पुल और कश्मीर की हरी-भरी वादियां यात्रियों को यादगार अनुभव दे रही हैं।

रेलवे मंत्रालय का कहना है कि भारतीय रेलवे इस विशेष यात्रा को आम लोगों की पहुंच में रखने के लिए संचालन लागत से भी कम किराए पर सेवा दे रहा है।

रेलवे के अनुसार, गर्मियों का मौसम शुरू होने के साथ ही कश्मीर में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। डल झील, पहलगाम और गुलमर्ग जैसे पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन बड़ी सुविधा साबित होगी।

अब यात्री जम्मू तवी से बैठकर 5 घंटे से भी कम समय में श्रीनगर पहुंच सकते हैं। वहीं आने वाले महीनों में इस रूट पर यात्रियों की संख्या और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

--आईएएनएस

डीबीपी

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