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IRCTC + GPT-6 Astra: 'एक कमांड और कन्फर्म सीट', AI के इस नए फीचर ने बदला टिकट बुकिंग का अंदाज

IRCTC + GPT-6 Astra: 'एक कमांड और कन्फर्म सीट', AI के इस नए फीचर ने बदला टिकट बुकिंग का अंदाज

त्योहारी सीजन में ट्रेन टिकट बुक करना यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। खासकर दिवाली और छठ के दौरान कई रूट्स पर सीटें तेजी से फुल हो जाती हैं। इसी बीच एक AI एक्सपेरिमेंट ने लोगों का ध्यान खींचा है। एक Instagram Creator ने दावा किया है कि OpenAI के GPT-6 Astra ने IRCTC की वेबसाइट पर जाकर ट्रेन टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को पूरा किया।

अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह AI की क्षमताओं को लेकर एक अहम संकेत माना जा सकता है। इसका मतलब यह है कि AI सिर्फ यूजर्स के सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहकर कुछ ऑनलाइन काम खुद पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

Instagram Creator ने किया AI का टेस्ट

Instagram Creator ने बताया कि उसने GPT-6 Astra को करीब दो से तीन दिनों तक टेस्ट किया। इसी दौरान उसके मन में यह सवाल आया कि क्या AI ऐसा काम भी कर सकता है, जिसके लिए आमतौर पर यूजर को खुद किसी वेबसाइट पर जाकर कई स्टेप पूरे करने पड़ते हैं।

इसी को जांचने के लिए उसने AI से IRCTC पर ट्रेन टिकट बुक करने की कोशिश की। Creator के मुताबिक, AI ने बुकिंग की प्रक्रिया को पूरा कर दिया। उसने अपने वीडियो में इस पूरे एक्सपेरिमेंट को दिखाने का दावा किया है।

मुंबई से राजकोट का टिकट बुक करने का दावा

Creator के Instagram वीडियो के मुताबिक, GPT-6 Astra ने मुंबई से राजकोट जाने वाली ट्रेन का टिकट IRCTC के जरिए बुक किया। Creator ने इस नतीजे पर हैरानी भी जताई।

इस एक्सपेरिमेंट की खास बात सिर्फ टिकट बुक होना नहीं है। यह AI के उस बदलते स्वरूप की ओर इशारा करता है, जिसमें यूजर केवल निर्देश देता है और AI उसके लिए वेबसाइट पर जाकर अलग-अलग चरणों को खुद पूरा कर सकता है।

AI असिस्टेंट्स का बदलता रोल

अब तक AI असिस्टेंट्स का इस्तेमाल मुख्य रूप से सवालों के जवाब पाने, जानकारी जुटाने, लिखने, कोडिंग और दूसरी डिजिटल मदद के लिए किया जाता रहा है। लेकिन अगर AI किसी वेबसाइट पर जाकर यूजर की ओर से पूरा काम कर सके, तो इसका इस्तेमाल काफी व्यापक हो सकता है।

उदाहरण के लिए, भविष्य में AI टिकट बुकिंग, होटल रिजर्वेशन, ऑनलाइन फॉर्म भरने या दूसरी डिजिटल सेवाओं में यूजर की मदद सिर्फ जानकारी देकर नहीं, बल्कि प्रक्रिया पूरी करके भी कर सकता है।

अभी कई सवालों के जवाब साफ नहीं

हालांकि, इस पूरे दावे से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां अभी सामने नहीं आई हैं। Creator की पोस्ट में टिकट की पूरी डिटेल, भुगतान किस तरह किया गया और बुकिंग की प्रक्रिया में कौन-कौन से चरण AI ने खुद पूरे किए, इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।

इसलिए इस एक्सपेरिमेंट को फिलहाल एक डेमो या दावा मानकर देखना बेहतर होगा। यह भी साफ नहीं है कि यह सुविधा आम यूजर्स के लिए किस तरह और किन परिस्थितियों में उपलब्ध होगी।

फिर भी, यह प्रयोग एक दिलचस्प सवाल जरूर खड़ा करता है—अगर AI सिर्फ आपको यह बताने के बजाय कि ट्रेन टिकट कैसे बुक करना है, खुद आपके लिए टिकट बुक करने लगे, तो आने वाले समय में डिजिटल काम करने का तरीका कितना बदल सकता है?

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