Humanoid Robots: फैक्ट्रियों में इंसानों की जगह संभालेंगे पहियों वाले रोबोट, UK कंपनी की बड़ी डील
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स की दुनिया तेजी से बदल रही है। अब मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो चुकी है। UK की रोबोटिक्स कंपनी Humanoid ने जर्मनी की ऑटोमोबाइल और इंडस्ट्रियल सप्लायर कंपनी Schaeffler के साथ बड़ी साझेदारी की है। इस डील के तहत आने वाले वर्षों में हजारों पहियों वाले रोबोट्स को फैक्ट्रियों में काम पर लगाया जाएगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह परियोजना 2032 तक चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। इसकी शुरुआत 2026 के अंत में जर्मनी के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स से होगी।
फैक्ट्री में संभालेंगे भारी काम
बताया जा रहा है कि ये एडवांस रोबोट्स फैक्ट्री में भारी बक्से उठाने, सामान इधर-उधर ले जाने और प्रोडक्शन लाइन से जुड़े कई काम करेंगे। इन रोबोट्स को खास तौर पर इंडस्ट्रियल वातावरण में लगातार काम करने के लिए डिजाइन किया गया है।
कंपनी का दावा है कि ये रोबोट्स तेज, सुरक्षित और ज्यादा दक्षता के साथ काम कर सकेंगे। इससे प्रोडक्शन स्पीड बढ़ेगी और कंपनियों की लागत कम करने में भी मदद मिल सकती है।
AI और ऑटोमेशन का बढ़ता असर
दुनियाभर की बड़ी कंपनियां अब AI और ऑटोमेशन पर तेजी से निवेश कर रही हैं। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोबोट्स का इस्तेमाल पहले भी होता रहा है, लेकिन अब ह्यूमनॉइड और स्मार्ट मोबाइल रोबोट्स की एंट्री से इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में फैक्ट्रियों में ऐसे रोबोट्स की संख्या तेजी से बढ़ सकती है, जो इंसानों की तरह फैसले लेने और अलग-अलग कार्य करने में सक्षम होंगे।
रोजगार पर भी उठ रहे सवाल
हालांकि इस तकनीक को लेकर रोजगार पर असर की चिंता भी बढ़ रही है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटोमेशन के कारण पारंपरिक नौकरियों पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं कंपनियों का कहना है कि रोबोट्स खतरनाक और भारी काम संभालेंगे, जबकि इंसानों को अधिक तकनीकी और सुपरवाइजरी भूमिकाएं मिलेंगी।
जर्मनी से होगी शुरुआत
जानकारी के अनुसार इस प्रोजेक्ट का पहला चरण जर्मनी के प्लांट्स में शुरू किया जाएगा। इसके बाद अन्य यूरोपीय देशों और वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में भी इन रोबोट्स को तैनात किया जा सकता है।
रोबोटिक्स और AI तकनीक में तेजी से हो रहे विकास के बीच यह डील इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन के भविष्य की बड़ी तस्वीर पेश करती है। आने वाले वर्षों में फैक्ट्रियों में इंसानों और रोबोट्स के साथ काम करने का ट्रेंड और तेजी से बढ़ सकता है।

