Samachar Nama
×

जनता से सीधे संवाद के लिए 'सबस्टैक' से जुड़ रहे केंद्रीय मंत्री, विस्तार से रख रहे विचार

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार के मंत्री अब जनता, उद्योग जगत और नीति से जुड़े लोगों से सीधे संवाद के लिए सबस्टैक जैसे स्वतंत्र डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके जरिए वे सरकारी प्रेस रिलीज और सोशल मीडिया पोस्ट से आगे बढ़कर अपनी योजनाओं और पहलों पर विस्तार से अपने विचार रख रहे हैं।

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार के मंत्री अब जनता, उद्योग जगत और नीति से जुड़े लोगों से सीधे संवाद के लिए सबस्टैक जैसे स्वतंत्र डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके जरिए वे सरकारी प्रेस रिलीज और सोशल मीडिया पोस्ट से आगे बढ़कर अपनी योजनाओं और पहलों पर विस्तार से अपने विचार रख रहे हैं।

इस कड़ी में अब केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी जुड़ गए हैं। उन्होंने जापान की अपनी हाल की यात्रा पर अपने विचार अपने सबस्टैक न्यूजलेटर पर शेयर किए हैं।

पीयूष गोयल ने 'चार दिन, तीन शहर और परिपक्व होता एक रिश्ता' शीर्षक से पोस्ट लिखी है। इसमें उन्होंने अपनी यात्रा को बेहद सफल बताया और भारत-जापान साझेदारी के भविष्य को लेकर अपने विचार रखे।

उन्होंने 'एक्स' पर इसकी जानकारी देते हुए कहा, "चार दिन, तीन शहर और परिपक्व होता एक रिश्ता। मैंने सबस्टैक पर जापान की अपनी बेहद सफल यात्रा और भारत-जापान साझेदारी के आगे के रास्ते पर कुछ विचार साझा किए हैं।"

पीयूष गोयल की यह पोस्ट ऐसे समय में आई है जब भारत और जापान आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने की कोशिश कर रहे हैं। व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई-चेन को मजबूत करना दोनों देशों के बीच बातचीत के मुख्य मुद्दे हैं।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से पहले इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी अपना सबस्टैक न्यूजलेटर शुरू कर चुके हैं। वे इस पर सरकारी नीतियों, टेक्नोलॉजी और भारत के आर्थिक और औद्योगिक विकास के बारे में लिखते हैं।

अश्विनी वैष्णव की हालिया पोस्ट का शीर्षक 'हम भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम कैसे बना रहे हैं' है। इसमें उन्होंने देश में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने के लिए सरकार के प्रयासों पर फोकस किया है, जिसमें चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और पूरी सप्लाई चेन शामिल है।

सरकार सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के हर हिस्से में क्षमता विकसित करने पर काम कर रही है, जिसमें चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग के साथ-साथ जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और कुशल टैलेंट तैयार करना भी शामिल है।

सबस्टैक के इस्तेमाल से मंत्रियों को पारंपरिक सरकारी संचार माध्यमों से अलग एक सीधा प्लेटफॉर्म मिल रहा है, जहां वे नीतियों और अपने बड़े विजन को ज्यादा विस्तार और बातचीत के अंदाज में समझा सकते हैं।

अश्विनी वैष्णव के न्यूजलेटर को पहले ही सैकड़ों सब्सक्राइबर्स मिल चुके हैं, जो टेक्नोलॉजी और औद्योगिक नीति पर नीति-निर्माताओं की सीधी राय में लोगों की बढ़ती रुचि को दिखाता है।

--आईएएनएस

वीकेयू/पीएम

Share this story

Tags