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पीयूष गोयल ने सीबकथॉर्न को बताया 'लद्दाख का सोना', कहा- इसमें स्थानीय लोगों को सशक्त बनाने की क्षमता

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को लद्दाख के जीआई टैग के वाले सीबकथॉर्न फल को पोषक तत्वों का खजाना बताया और कहा कि इसमें स्थानीय लोगों की आजीविका को सशक्त बनाने और वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की क्षमता है।

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को लद्दाख के जीआई टैग के वाले सीबकथॉर्न फल को पोषक तत्वों का खजाना बताया और कहा कि इसमें स्थानीय लोगों की आजीविका को सशक्त बनाने और वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की क्षमता है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर गोयल ने सीबकथॉर्न को "भारत की प्राकृतिक विरासत का सुनहरा खजाना" बताया, जिसमें विटामिन की असाधारण मात्रा और भरपूर पोषक तत्व पाए जाते हैं।

उन्होंने कहा, "लद्दाख का जीआई-टैग वाला सीबकथॉर्न प्रकृति का एक अद्भुत उपहार है।" आगे कहा कि यह स्थानीय लोगों की आजीविका को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

इस पोस्ट के साथ, गोयल ने एक वीडियो भी शेयर किया जिसमें सीबकथॉर्न को दिखाया गया है। इसके रंग की वजह से इसे 'लद्दाख गोल्ड' भी कहा जाता है।

वीडियो में लद्दाख में सोने की तलाश को दिखाया गया है, जो लगभग 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित एक बेहद खूबसूरत घाटी तक ले जाती है, जहां सीबकथॉर्न उगता है।

पोस्ट के अनुसार, सीबकथॉर्न के ये खूबसूरत पौधे 12,000 फीट की ऊंचाई पर पाए जाते हैं।

वीडियो के अनुसार, "ये पौधे अकसर गर्म इलाकों में पाए जाते हैं, लेकिन प्रकृति की कुछ खास खूबियों की वजह से यह इलाका एक अलग तरह के 'सोने' का घर बन गया है।"

इसमें आगे बताया गया, "यह 'सीबकथॉर्न' है, जिसे इसके रंग की वजह से 'लद्दाख गोल्ड' कहा जाता है। यह सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि एक 'सुपरफ्रूट' है जो इस इलाके के बेहद कठिन और अनोखे मौसम में भी जीवित रह सकता है। इससे इसमें कुछ खास एंटीऑक्सीडेंट्स विकसित होते हैं, और इसमें नींबू के मुकाबले दस गुना ज्यादा विटामिन सी होता है। इसी वजह से इसका स्वाद एकदम अलग और खास होता है।"

वीडियो के अंत में लद्दाख आने वाले पर्यटकों को इस फल को चखने की सलाह दी गई है।

इसके अलावा, सोमवार को मंत्री ने पुणे में बनी जेसीबी मशीनों की न्यूजीलैंड के लिए पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड एफटीए (मुक्त व्यापार समझौते) की भी तारीफ की और कहा कि इससे हमारे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।

--आईएएनएस

एबीएस

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