बंद हो चुके नोट बदलने के संबंध में आरबीआई के कोई नए नियम नहीं: पीआईबी फैक्ट चेक
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट-चेक यूनिट ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बंद हो चुकी करेंसी को बदलने के लिए नए नियम जारी किए हैं।
पीआईबी फैक्ट चेक ने इन दावों को पूरी तरह फर्जी बताया और साफ किया कि आरबीआई ने ऐसा कोई भी ऐलान नहीं किया है।
पीआईबी यूनिट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "कुछ खबरों में दावा किया जा रहा है कि आरबीआई ने बंद नोटों को बदलने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। यह दावा फर्जी है। आरबीआई ने ऐसा कोई भी ऐलान नहीं किया है।"
पीआईबी फैक्ट चेक ने यह भी कहा कि वित्तीय नियमों और करेंसी से जुड़ी जानकारी के लिए आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट ही सबसे भरोसेमंद स्रोत है। सही और प्रमाणित जानकारी के लिए लोगों को केवल आरबीआई की वेबसाइट पर ही भरोसा करना चाहिए।
इसके साथ ही लोगों को बिना जांचे-परखे किसी भी संदेश को आगे न भेजने की सलाह दी गई है। पीआईबी ने कहा कि केवल भरोसेमंद और आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी ही साझा करें। अगर कोई संदिग्ध मैसेज, फोटो या वीडियो मिले, तो उसे सत्यापन के लिए पीआईबी को व्हाट्सएप या ईमेल के जरिए भेजा जा सकता है।
गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर में भी पीआईबी ने ऐसी ही एक फर्जी खबर का खंडन किया था, जिसमें कहा गया था कि आरबीआई ने पुराने 500 और 1000 रुपए के नोट बदलने के लिए नए नियम जारी किए हैं। ये नोट नोटबंदी के दौरान नवंबर 2016 में बंद कर दिए गए थे और तब से अब तक इन्हें बदलने के लिए कोई नया नियम जारी नहीं किया गया है।
इससे पहले भी पीआईबी ने एक वायरल वीडियो को गलत बताया था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण किसी हाई-रिटर्न निवेश योजना को प्रमोट कर रही हैं। पीआईबी ने स्पष्ट किया था कि न तो सरकार और न ही वित्त मंत्री किसी ऐसी योजना का समर्थन कर रही हैं।
पिछले महीने भी पीआईबी ने एक फर्जी मैसेज को चिन्हित किया था, जिसमें कहा गया था कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की योनो ऐप के अकाउंट आधार अपडेट न करने पर ब्लॉक कर दिए जाएंगे।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि ऐसी अफवाहों से सावधान रहें और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।
--आईएएनएस
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